Wednesday, September 22, 2021

 

 

 

तपती धरती मरते लोग

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‘ना के बराबर सर्दी ना के बराबर बारिश और तपती धरती’, मौसम की इस करवट ने लोगो जा जीना दुश्वार कर दिया है देश के विभिन्न राज्यों में अप्रैल चढ़ते ही मौसम की टेढ़ी निगाहों ने आम लोगों के रोज़गार तथा दिनचर्या पर असर पड़ रहा है. गर्म हवा के थपेड़ों के चलते अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. नार्थ इंडिया के वो शहर जो हमेशा से पर्यटकों को लुभाते थे इस बार की गर्मी ने उन्हें भी तपने पर मजबूर कर दिया ये तब का हाल है जब अप्रैल का आधा महिना ही बीता है मई,जून अभी ऐसे ही मुहं उठाये खड़े है.

कोलकाता समेत पूरे दक्षिण बंगाल में गर्मी के मामले में जैसलमेर के रेगिस्तानी इलाकों को भी पीछे छोड़ दिया है. यहां पारा लगातार 41 से 45 डिग्री के बीच बना हुआ है. गर्मी को ध्यान में रखते हुए कोलकाता ट्रैफिक पुलिस ने भी जवानों की ड्यूटी सामयिक तौर पर आठ घंटे से घटा कर छह घंटे कर दी है.

मौसम का बदलता मिजाज

देश में मानसून की संभावना हमेशा ज्यादा गर्मी पड़ने वाले हफ्तों के हिसाब से बताई जाती है, लेकिन इस साल समय से पहले ही जानलेवा गर्मी पड़नी शुरू हो गई है और इसका असर आमतौर पर पड़ने वाली गर्मी से ज्यादा व्यापक इलाकों में है. उत्तरी भारत के ज्यादार इलाकों में कई दिन से लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के तापमान के साथ गर्म हवाएं चल रही हैं.

पश्चिम से आने वाली लगातार हवाओं की वजह से भुवनेश्वर और कोलकाता जैसी जगहों पर भी गर्म हवाएं चल रही हैं. यह दोनों राज्य गर्मी से उबल रहे हैं. आमतौर पर यहां बंगाल की खाड़ी से आने वाली समुद्री हवाओं की वजह से तापमान कम रहता है. मौसम का यह क्रूर चेहरा समूचे देश और मौसम विज्ञानियों के लिए चिंता का विषय बन गया है.

राहत की संभावना कम

मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल इस गर्मी से राहत के आसार नहीं है. विभाग के क्षेत्रीय निदेशक जीसी देवनाथ कहते हैं, “राज्य के दक्षिणी हिस्सों में यह पहला मौका है जब अप्रैल के महीने में ही तापमान नए रिकार्ड बना रहा है और उसके साथ लू भी चल रही है. हवा से नमी गायब हो गई है.”

गर्म हवा के थपेड़ों के चलते शहरी व ग्रामीण इलाकों में सुबह के नौ-दस बजते-बजते सड़कें और गलियां वीरान हो जाती हैं और लोग घरों में दुबक जाते हैं. अममून अप्रैल के महीने में आने वाली कालबैशाखी यानि चक्रवाती तूफान और बारिश लोगों को गर्मी से राहत देती थी. लेकिन इस साल अब तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है. देवनाथ कहते हैं कि आने वाले कुछ दिनों तक मौसम के मिजाज में किसी बदलाव की संभावना नहीं है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों और उम्मीदवारों को खासकर दोपहर बाद धूप में बाहर नहीं निकलने, पर्याप्त पानी पीने और रसदार फलों का सेवन करने की सलाह दी है.

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