syed mushtaq ali

विदेशी सरजमीं पर भारत के लिए पहला टेस्ट शतक लगाने वाले सलामी बल्लेबाज सैयद मुश्ताक अली देश के एक मात्र ऐसे खिलाडी है. जिसने पाकिस्तान की और से 2-2 बार नागरिकता का प्रस्ताव दिया गया था. लेकिन उन्होंने दोनों ही बार इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया.

ध्यान रहे बंटवारे के बाद 1948 में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने सैयद मुश्ताक अली को किस्‍तान की नागरिकता का प्रस्‍ताव दिया था.

मुश्ताक के बेटे गुलरेज अली ने पीटीआई को बताया,‘ मेरे पिता ने मुझे एक बार बताया था कि उन्हें जुल्फिकार अली भुट्टो ने आमंत्रित किया था, अगर मेरी याददाश्त सही है तो यह वाकया 1947-48 का है जब उन्हें पाकिस्तान जाकर वहां रहने का प्रस्ताव मिला था लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया था.’

गुलरेज ने कहा, ‘मुझे लगता है कि ऐसा प्रस्ताव दूसरी बार 70 के दशक में मिला था जब वह तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से मुलाकात के लिए शिमला आए थे. उन्होंने दोनों बार इस प्रस्ताव को शिष्टतापूर्वक यह कहते हुये ठुकरा दिया कि ‘भारत मेरा घर है, इसने मुझे सब कुछ दिया है और मैं अपनी पूरी जिंदगी यहीं रहूंगा.’

1914 में जन्मे मुस्ताक ने 1934 से 1952 तक 11 टेस्ट मैच खेले है. न्होंने 1936 में ओल्ड ट्रैफर्ड 112 रन की पारी के दौरान विजय मर्चेंट के साथ पहले विकेट के 203 रन जोड़े. वर्ष 2005 में उनका निधन हो गया था.


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