“सर मैं हिन्दू हूँ पड़ोस में रहने वाले चचाजान को नमाज़ पढ़ाने लेकर आया हूँ, उनसे पैदल नही चला जाता”

देश में आजकल सांप्रदायिक माहौल को लेकर जिस तरह दोनों धर्मों के बीच दूरियां बढती जा रही है वहीँ कुछ ऐसी घटनाएँ भी हो जाती है जो की यह एहसास करा जाती है की हालात चाहें जैसे भी हो जाए लोग इंसानियत का रास्ता कभी नहीं छोड़ सकतें. अब ऐसा ही वाकया क़स्बा रेनवाल में हुआ जहाँ की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

यह फोटो अपनी फेसबुक वाल पर जाने माने सोशल एक्टिविस्ट हिमांशु कुमार ने शेयर की है, इस फोटो के साथ कुछ कंटेंट भी लिखा हुआ है जो की संजीव त्रिपाठी के नाम के सन्दर्भ में है. इसमें संजीव कहतें हैं की आज सुबह जब मैं ईद की के दौरान क़स्बा रेनवाल में ईदगाह के बाहर खड़ा था, तो वहीं ईदगाह के बाहर बाइक के पास खड़े एक युवक पर मेरा ध्यान पड़ा. तो मैंने उससे पूछा आप नमाज अदा करने अंदर नही गये.

तो युवक ने कहा सर मैं हिंदू हूँ और मैं मेरे पड़ोस में रहने वाले चाचाजान को नमाज़ पढ़ने के लिए लाया हूँ, क्यूँकि उनसे पैदल चला नही जाता व उनके घर पर उनको यहाँ तक लाने के लिय कोई नही था इसलिए मैं मेरी बाइक पर उनको लेकर आया हूँ व नमाज होने के बाद वापस लेकर जाऊँगा ।

यह बात सुनकर मन में एक अजीब सी ख़ुशी का एहसास हुआ वो युवक बहुत ही गहरा पाठ पढ़ा गया आज की नौजवान पीढ़ी को। मैं चाहता हूँ की इस देश का हर नौजवान एक दूसरे के धर्म का आदर करे व इस देश की एकता व अखंडता को बनाए रखने में अपना योगदान दे। धन्य है क़स्बा रेनवाल के लोग जिन्होंने इस गंगा जमना तहज़ीब को बरकरार रखा है।

रेनवाल में सभी धर्मों के लोग मिलजुलकर रहते है व एक दूसरे की ख़ुशी व गम में शामिल होते है मुझे उम्मीद है की भविष्य में भी रेनवाल के लोग इसी भाईचारे को क़ायम रखते हुए एक मिसाल पेश करेंगे,

नोट- यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, कोहराम न्यूज़ इस खबर की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता

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