लखनऊ- कुछ समय पूर्व पतंजलि के प्रोडक्ट को लेकर देवबंद से एक फतवा जारी हुआ था जिसमे कहा गया था की पतंजलि के प्रोडक्ट इस्तेमाल करना हराम है क्यों की उसमे गौमूत्र मिला होता है जो की ना-पाक है, इसीलिए मुसलमानों को पतंजलि के प्रोडक्ट इस्तेमाल नही करने चाहिए, इसी फतवे पर बरेली से भी यही बात कही गयी है.

दरगाह आला हजरत के मरकज दारुल इफ्ता के मुफ्ती-ए-इकराम ने बाबा रामदेव के पतंजलि उत्पादों के खिलाफ फतवा दिया है। मुफ्ती-ए-इकराम का कहना है, पेशाब नापाक है। अगर इसका इस्तेमाल दवा में भी किया जाता है, तो बतौर दवा भी नाजायज और हराम है। मरकज दारुल इफ्ता से मुहम्मद बख्तेयार खां ने पतंजलि कंपनी के उत्पादों के बारे में पूछा था। उनका दावा था, कंपनी में जितने भी उत्पाद बनाए जाते हैं सभी गाय का पेशाब मिलाकर बनते हैं।

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शरियत के लिहाज से पतंजलि के उत्पाद का इस्तेमाल करना जायज है या नहीं? मरकजी दारुल इफ्ता के सदर मौलाना मुफ्ती मुहम्मद हकीम मुहम्मद मुजफ्फर हुसैन कादरी और मुफ्ती मुहम्मद अली रजवी ने कहा, पतंजिल हो या कोई और कंपनी। अगर गाय के पेशाब की मिलावट किसी भी उत्पाद में है, तो वह हराम है। ऐसे उत्पाद का खाना-पीना और लगाना भी हराम करार दिया।