Friday, August 6, 2021

 

 

 

200 रुपए की खातिर नर्स ने बनने दिया नवजात को कुत्तों का निवाला

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पटना – मात्र कुछ रुपयों के लिए इंसान कितना नीचे गिर सकता है इसका अंदाज़ा लगाना बहुत मुश्किल है, चोर उचक्के द्वारा कुछ रुपयों के लिए लूटपाट की घटना आपने बहुत सुनी होंगी लेकिन अस्पताल में कार्यरत नर्स मात्र दो सौ रुपए के लिए इतनी घिनौनी हरकत करेगी इसके बारे में सभ्य समाज में कोई कल्पना भी नहीं कर सकता.

क्या है मामला?

मामला एक अस्पताल का है जहाँ सोमवार को 12 बजे के करीब दीनदयाल मंडल की पत्नी अपनी बेटी को लेकर प्रसव कराने के लिए रुपौली रेफरल अस्पताल पहुंची। रजिस्ट्रेशन के बाद प्रसव वार्ड में कल्पना को भर्ती किया गया। प्रसव कराने आई कल्पना की मां मंजू देवी के अनुसार जब उसकी बेटी दर्द से कराहने लगी तो ड्यूटी पर तैनात नर्स ने उससे कहा कि बेटी को बाहर ले जाना होगा। इस पर मंजू घबरा गई। मंजू ने जब नर्स से अपनी बेटी का प्रसव वहीं कराने के लिए आरजू विनती करने लगी तो नर्स ने शर्त रखी कि यदि वह उसे दो हजार रुपए दे तो प्रसव यहीं हो जाएगा।

तुरंत मंजू (माँ) ने बेटी की हालत देखते हुए तुरंत 600 रुपए नर्स को दे दिए तथा नर्स ने दवा के नाम पर 200 रुपए और लिए.

अस्पताल के स्टाफ का दावा, बच्चा मर हुआ पैदा हुआ

सोमवार की रात नौ बजे कल्पना ने मृत बच्चे को जन्म दिया। हालांकि मंजू का दावा है कि बच्चा जीवित था, लेकिन ड्यूटी पर तैनात डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि बच्चा मृत था। इसके बाद मृत बच्चे को प्रसव कराने आई महिला के परिजन को सौंप दिया गया था।

सुबह जब महिला घर जाने वाली थी तो नर्स मंजू के पास पहुंच गई और शेष रुपए के लिए दबाव बनाने लगी। मंजू के पास 15 सौ रुपए बचे थे उसे उसने नर्स काे दे दिया। फिर नर्स ने कहा कि दो सौ रुपए मिलने के बाद ही शव को ले जाने दिया जाएगा या उसे कहीं दफन करवाया जाएगा। मंजू के पास घर जाने तक का भाड़ा नहीं बचा था।

वह दो सौ रुपए नहीं दे सकी और घर चली गई। इसी बीच जब वह मंगलवार के सुबह लगभग आठ बजे रेफरल अस्पताल के मुख्य द्वार से एक कुत्ता नवजात शिशु को मुंह में लेकर निकला।

दर्जनों दुकानदार और चाय पी रहे लोगों ने कुत्ते का पीछा किया, लेकिन कुत्ता प्रखंड परिसर होकर घने केले के खेत में घुस गया। घंटों स्थानीय लोगों द्वारा खोजबीन की गई, लेकिन तब तक कुत्ता नवजात शिशु के लाश को अपना भोजन बना चुका था।

मामला इतना संगीन है की आसपास के क्षेत्रो में चर्चा का विषय बना हुआ है की क्या कोई इतना कठोर दिल हो सकता है की मात्र 200 रुपए के लिए नवजात बच्चे को घर ना जाने दे.

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