Thursday, January 27, 2022

रज़ा एकेडेमी ने किया ट्रिपल तलाक़ को लेकर फैसले का विरोध प्रदर्शन

- Advertisement -

protest against triple talaq

नई दिल्ली: रज़ा एकेडेमी के निमंत्रण पर, एहले सुन्नत के विद्वानों ने संसद के सत्र की शुरुआत से ठीक पहले संसद स्ट्रीट में धरना का आयोजन किया गया. ट्रिपल तलाक बिल को असंवैधानिक रूप से पेश करने की घोषणा करते हुए उन्होंने लोकसभा में पास हुए बिल को वापस लेने की मांग की.

रज़ा एकेडेमी की अपील पर पूरे देश के विद्वानों ने ‘शरीयत बचाओ’ के नाम पर धरना प्रदर्शन  का आयोजन किया. विद्वानों ने कहा कि बिल अस्वीकार्य है और इसके कई कमियां हैं उन्होंने नील को शरीयत में दखलंदाज़ी बताया है. उन्होंने कहा कि सरकार को बिल को अंतिम रूप देने से पहले शरीयत  विशेषज्ञों से सलाह मशवरा करना चाहिए था क्योंकि सरकार का यह फैसला मुस्लिम महिलाओं के हित में नहीं है. यह 3.5 करोड़ महिलाओं की भावनाओं को समझने के लिए तैयार नहीं है, जो मानते हैं कि शरीयत ही उनके लिए सब कुछ है.

source: Facebook

लोक सभा में बिल पास होते ही महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट का दौरा शुरू किया और उन्होंने केन्द्रीय सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी करना शुरू कर दिया. महिलाओं का कहना था कि शरियत में किसी भी तरह कि दखलंदाज़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि, RSS और विश्व हिंदू परिषद द्वारा उनके राजनीतिक फायदा हासिल करने के लिए महिलाओं शोषण कर रहे हैं. इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्वान मौजूद थे जिन्होंने मांग की कि सरकार को अपनी झूठी सहानुभूति के नाटक को रोकना चाहिए और शरियत में हस्तक्षेप करना बंद करना चाहिए.

आपको बता दें कि, बजट सत्र अभिभाषण में राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्रिपल तलाक बिल को मुस्लिम महिलाओं के हित में बताया है.

उन्‍होंने कहा कि मेरी सरकार ने तीन तलाक के संबंध में एक विधेयक संसद में प्रस्तुत किया है. मैं आशा करता हूं कि संसद शीघ्र ही इसे कानूनी रूप देगी. तीन तलाक पर कानून बनने के बाद मुस्लिम बहन-बेटियां भी आत्मसम्मान के साथ भयमुक्त जीवन जी सकेंगी.

source: Facebook

ध्यान रहे इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद के बजट सत्र में तीन तलाक (Three divorce) विधेयक पारित कराने को लेकर विपक्षी दलों से सहयोग का आह्वान किया है.

PM मोदी ने संसद भवन परिसर में कहा कि पिछले सत्र में सरकार का प्रयास और देश की आस्था तथा अपेक्षा थी कि तीन तलाक पर राजनीति नहीं होगी और मुस्लिम महिलाओं को उनका हक मिलेगा. लेकिन उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद सरकार तीन तलाक विधेयक पारित नहीं करवा सकी.

उन्होंने कहा कि बजट सत्र के लिए सभी राजनीतिक दलों से उनकी अपेक्षा है कि वे तीन तलाक विधेयक पारित कराने में सहयोग करेंगे और मुस्लिम महिलाओं को नए साल का उपहार देंगे.

- Advertisement -

[wptelegram-join-channel]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles