देहरादून – आमतौर पर पुलिस की इमेज को लेकर हमेशा नकारात्मक ख़बरें ही पढने को मिलती है लेकिन कभी कभी ऐसा हो जाता है की नजीर बन जाती है. उत्तराखंड पुलिस ने अपने स्लोगन “मित्र पुलिस” को साकार करते हुए कुछ ऐसा ही उदहारण पेश किया जो बाकी राज्यों की पुलिस के लिए एक सबक बन सकता है.

उत्तराखंड पुलिस के अनुसार उत्तरकाशी में बाज़ार निवासी शाहनवाज़ की अचानक से तबियत खराब हो गयी जिन्हें तुरंत नजदीकी स्वस्थ केंद्र में एडमिट करवाया गया लेकिन डॉक्टर ने उनकी हालत नाज़ुक बताते हुए फ़ौरन O+ ब्लड ग्रुप के इंतज़ाम करने को कहा, यह सूचना जैसे ही कांस्टेबल नीरज रावत को पहुंची उन्होंने अस्पताल की तरफ रुख किया और वहां पहुंचकर तुरंत अपना ब्लड ग्रुप देकर शहनवाज़ की जान बचाई.

इस घटना के बाद से उत्तराखंड पुलिस को भूरी भूरी प्रशंसा मिल रही है, क्योंकी  आजकल अन्य राज्यों में पुलिस को लेकर काफी नकारात्मक ख़बरें सामने आ रही है, जिन्हें लेकर पुलिस महकमे की छवि को काफी नुकसान पहुंचा है. इस घटना को स्वम उत्तराखंड पुलिस ने ट्वीट करके शेयर किया है.

गौरतलब है की इससे पहले भी उत्तराखंड के एक पुलिसवाले ने मुस्लिम युवक की मोबलिंचिंग में जान बचाने की खातिर अपनी जान की बाज़ी लगा दी थी.

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