Wednesday, June 16, 2021

 

 

 

लोग मिलते हैं सवालों की तरह

- Advertisement -
- Advertisement -

 

lalajadp1

लोग मिलते हैं सवालों की तरह
जैसे बिन चाबी के तालों की तरह

भूख में लम्हात को खाया गया
सख्त रोटी के निवालों की तरह

घर अगर घर ही रहें तो ठीक है
क्यों बनाते हो शिवालों की तरह

दीप सा किरदार तो पैदा करो
लोग चाहेंगे उजालों की तरह

ख़ुद को तुम इन्सान तो साबित करो
याद आओगे मिसालों की तरह

दीपक गुप्ता

*****

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles