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सलाफ़ी उपदेशक जाकिर नाईक ने शनिवार (7 जुलाई) को मलेशिया के प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद से मुलाकात की है। ये मुलाक़ात एक दिन पहले मलेशिया सरकार की और से भारत सरकार की उनके प्रत्‍यर्पण की मांग को खारिज करने के बाद हुई है।

शुक्रवार को पीएम महातिर ने यह स्पष्ट कर दिया था कि जाकिर को भारत प्रत्यर्पित नहीं किया जाएगा। उन्होने बताया था कि जाकिर नाईक को मलेशिया की स्थाई नागरिकता मिली हुई है। मुलाकात के दौरान जाकिर नाईक और पीएम महाथिर मोहम्मद के बीच क्या बात हुई इसकी भी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है।

बता दें कि भारत ने जनवरी में मलेशिया सरकार से नाईक को स्वदेश भेजने का औपचारिक अनुरोध किया था। साथ ही गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल से भी मदद मांगी गई थी। लेकिन इंटरपोल ने भी नाइक के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने से साफ इनकार कर दिया। इंटरपोल का कहना है कि जाकिर के खिलाफ कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है, इसलिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी नहीं किया जा सकता है।

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इंडिया टुडे से बातचीत में जाकिर ने कहा कि अभी मेरा भारत आने का कोई प्लान नहीं है, जब तक निष्पक्ष सुनवाई नहीं होगी तब तक वह नहीं आएंगे. इसके अलावा नाईक ने कहा कि जब मुझे लगेगा कि भारत में निष्पक्ष सरकार है वह तभी भारत वापस आएगा।

नाईक के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड विधान की धारा 20 (b), 153 (a), 295 (a), 298 and 505 (2) के तहत आरोप तय किए गए है।