Friday, July 30, 2021

 

 

 

स्टीफन हॉकिंग करते थे फिलिस्तीन का समर्थन, ठुकराया था इजराइल का निमंत्रण

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फिलीस्तीनियों ने विश्व प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग को इजरायल कब्जे के खिलाफ अहिंसक विरोध के समर्थन में “विशिष्ट साहसी” के रूप में प्रशंसा की है. वैज्ञानिक की मौत के बारे में बताते हुए, फिलिस्तीन लिबरेशन संगठन के कार्यकारी समिति की सदस्य हनान अशरावी ने कहा कि “स्टीफन हॉकिंग को हमेशा याद किया जाएगा.”

उन्होंने कहा कि, “हम विज्ञान उनकी असाधारण उपलब्धियों और विरासत को दुनिया के बाकी हिस्सों में शामिल करते है, मानव स्थिति और आत्मा की उनकी गहरी समझ के लिए उनकी प्रेरणाओं को याद रखेंगे.”

इस तरह हॉकिंग ने किया फिलिस्तीनियों का समर्थन

हॉकिंग ने पश्चिम की ओर से पश्चिम बर्किजिट विश्वविद्यालय का दौरा किया, जहां अशरावी 2006 में अंग्रेजी पढ़ा रही थी. उन्हें फिलिस्तीनी संघर्ष के दीर्घकालिक समर्थक के रूप में जाना जाता था.

अरब न्यूज़ के मुताबिक, जब इज़राइल ने 2008 के आखिर में गाज़ा पर सैन्य हमले शुरू किये, तो हॉकिंग ने उन सभी हमलों के लिए इजराइल की निंदा की.  उन्होंने कहा था कि, “फिलिस्तीनी लोगों को किसी भी तरह से इजराइल का विरोध करते रहना चाहए. अगर इजराइल शांति चाहता है तो उसे हमास से बात करनी होगी, जिस तरह ब्रिटेन IRA से की थी.

source: Middle East Monitor

2013 में उन्होंने इज़राइल के एक एकादमिक बहिष्कार का समर्थन किया और येरूशलम में एक प्रमुख सम्मेलन में भाग लेने इनकार कर दिया था.  हॉकिंग भी दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के एक समर्थ समर्थक थे, जिन्होंने अपने जीवन में बहुत अधिक खर्च करते हुए रंगभेद के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया.

2008 में मंडेला की बैठक के दौरान, हॉकिंग ने कहा कि, “मैं हैरान हूँ कि ऐसी स्थिति का शांतिपूर्ण समाधान ढूंढने में कामयाब कैसे हो जाते है जो आपदा से भी ज्यादा खतरनाक है. यह 20 वीं सदी की महान उपलब्धियों में से एक थी. इज़राइल और फिलीस्तीन को भी शांति बनाये रखने के लिए समाधान ढूंढना होगा.”

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