फेसबुक पर हाल ही में लगे डाटा लीक के आरोपों के सामने आने के बाद फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने अपनी चुप्पी तोड़ी. उन्होंने फेसबुक के डाटा लीक होने वाली कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल मामले पर माफ़ी मांगी है. माफ़ी मांगते हुए उन्होंने कहा कि यह एक विश्वासघात का मामला है.

आपको बता दें कि, जुकरबर्ग ने फेसबुक पर पोस्ट लिखी उसमें उन्होंने कहा कि, “मैं कैंब्रिज एनालिटिका को लेकर अपनी बात रखना चाहता हूं. हम इस दिशा में समस्याओं से निपटने के लिए जरूरी कदम उठा लिए हैं. मैं यह समझने की कोशिश की दिशा में काम कर रहा हूं कि आखिर ऐसी स्थिति सामने आई ही क्यों और इसे दोबारा होने से कैसे रोका जाए.”

इसके बाद जुकरबर्ग ने कहा, “अब अच्छी खबर यह है कि इसे रोकने के लिए जो जरूरी कदम हमने आज उठाए हैं, वह कदम हमें असल में कई सालों पहले ही उठा लिए गए थे लेकिन हमने फिर भी गलतियां कीं लेकिन अब हमें इन्हें दोबारा होने से रोकने के लिए कमर कसने की जरूरत है.”

मामले की होगी जांच 

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फेसबुक के सीईओ ने कहा कि कंपनी उन सभी ऐप की जांच करेगी, जिनके जरिए बड़ी मात्रा में जानकारियां लीक की गई. “निजी जानकारियों कागलत इस्तेमाल या उनसे छेड़छाड़ करने वालों डेवलेपर्स पर रोक लगा दी जाएगी. इसके साथ ही संदिग्ध गतिविधियों वाले सभी ऐप की जांच की जाएगी.”

आपको बता दें कि फेसबुक डाटा लीक करने वाली कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका पर आरोप है कि उसने पांच करोड़ फेसबुक उपयोगकर्ताओं के निजी डेटा बिना उनकी मंजूरी के चुरा लिए हैं और उस डाटा का इस्तेमाल राजनेताओं की मदद के लिए किया गया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रेक्सिट अभियान शामिल हैं.

चुनावों में मतदाताओं को किया प्रभावित

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी पर आरोप है कि उसने 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान मतदाताओं को डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में प्रभावित करने के लिए फेसबुक के पांच करोड़ उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारियों का गलत इस्तेमाल किया था. इस मामले के सामने आने के बाद फेसबुक और कैंब्रिज एनालिटिका दोनो को यूरोपीय संघ, ब्रिटेन समेत अमेरिका में भी कानूनी कार्रवाइयों का सामना करना पड़ रहा है.