जेरूसलम में ‘यूएस एम्बेसी’ के उदघाटन के दौरान इजराइल का फिलिस्तीनियों पर बड़ा हमला, 59 शहीद

4:15 pm Published by:-Hindi News
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सोमवार को जेरूसलम में अमेरिकी एम्बेसी के उद्घाटन की शुरुआत इज़राइल ने दर्ज़नों फिलिस्तीयिनों का खून बहारकर की. अमेरिका के इस कदम से दुनियाभर के मुसलमान गुस्से में आ गये है. इजराइल के साथ संघर्ष में कल से अब तक 59 फिलीस्तीनी शहीद हुए है और 2,200 फिलिस्तीनी लोग घायल हो गए.  इजराइल की इस दरिंदगी की पूरे विश्व में निंदा की जा रही है. दुनिया भर के देश अमेरिका के उस एम्बेसी फैसले को अवैध करार दे रहे है.

कोहराम न्यूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक,  पूरे वेस्ट बैंक और जेरूसलम में फिलिस्तीनियों को दूतावास के विरोध करने की सज़ा इजराइल ने फिलिस्तीनियों की जान लेकर दी है. आपको बता दें कि कुवैत ने अमेरिका के एम्बेसी फैसले की निंदा करते हुए उन्हितेद नेशन से आग्रह किया है कि वह जल्द से जल्द इजराइल के खिलाफ आपातकाल बैठक का आयोजन करें.

सऊदी ने भी करी कड़े शब्दों में इजराइल की निंदा 

विदेश मंत्रालय के मामलों के एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि, सऊदी अरब ने सोमवार को जेरूसलम में यूएस एम्बेसी के उद्घाटन के दौरान इजराईल सैनिकों के बेरहम सुलूख और फिलिस्तीनियों पर बड़े हमला करने के लिए कड़े शब्दों में इस्राईल की निंदा की है. सऊदी प्रेस एजेंसी द्वारा किए गए एक बयान में, साथ ही सऊदी ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को हिंसा रोकने और फिलीस्तीनी लोगों की रक्षा करने की ज़िम्मेदारी लेने की बात पर भी जोर दिया.

सऊदी गेजेट के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के अधिकारी फिलीस्तीनी कारणों पर सऊदी के रुख को दोहराया और अंतर्राष्ट्रीय संकल्पों और अरब शांति पहल के अनुसार अपने वैध अधिकार बहाल करने में फिलिस्तीनियों के लिए समर्थन दिया. वहीँ सभी अरब देशों के वरिष्ठ विद्वानों की परिषद के जनरल सचिवालय ने फिलीस्तीनी नागरिकों की इजरायली हत्या की दृढ़ निंदा की.

 

फिलिस्तीनी मुद्दा और जेरूसलम के साथ इसकी राजधानी, मुस्लिम जगत के लिए एक केंद्रीय मुद्दा है. उन्होंने आगे कहा कि, इस क्षेत्र में शांति केवल तभी हासिल की जा सकती है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस से संबंधित है और गंभीरता से और जिम्मेदारी से मुद्दे पर कोई संज्ञान ले.

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