विश्व की दो बड़ी शक्तियां अमेरिका तथा रूस जब भी आमने सामने आते है उस वक़्त तमाम विश्व में सिर्फ यही चर्चा होती है की कहीं इस बार तो विश्व युद्ध शुरू ना हो जाए, ऐसा ही कुछ फिर से सुनाई देने लगा है जब सीरिया में हुए केमिकल हमले के बाद से अमेरिका की सख्त सैन्य कार्रवाई से तनाव इस कदर बढ़ चुका है कि तीसरे विश्व युद्ध की आहट नजर आने लगी है।

डर का आलम यह है कि अमेरिका के मिसाइल हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हो चुका है, दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिल रही है।

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सीरिया में भड़की यह चिंगारी विकराल रूप लेकर कहीं विश्वयुद्ध में न तब्दील हो जाए, इसलिए विश्व नेताओं ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से तनाव न बढ़ाने की अपील की है।

दरअसल सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद के कट्टर समर्थक रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने सीरिया के एयरबेस पर अमेरिका के हवाई हमलों के बाद मध्य-पूर्व के अपने इस सहयोगी देश का एयर-डिफेंस मजबूत करने का फैसला किया है। इससे इस बात की आशंका बढ़ गई है कि सीरिया में जारी तनाव रूस और पश्चिमी देशों के बीच आर-पार की लड़ाई का कारण बन सकता है।

वैसे विश्व युद्ध के मुद्दे को इस बात से भी बल मिलता है क्यों की हाल ही में इस्लामिक देशों की सैन्य आर्मी के हेड कमांडर पाकिस्तान के राहील शरीफ को बनाया गया है और सर्वविदित है की चीन और पाकिस्तान एक ही खेमे में खड़े नज़र आते है और दोनों ही देश भारत विरोधी हर गतिविधि में शामिल रहते है.

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