अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA आधार डेटा में सेंधमारी कर चुकी है. ये दावा विकीलीक्स ने किया है. विकिलीक्स ने गुरुवार को कहा कि सीआईए के पास आधार कार्ड के डाटा का एक्सेस है.

विकीलीक्स ने बताया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने  इसके लिए यूएस की कंपनी क्रॉस मैच टेक्नोलॉजी के द्वारा तैयार किए गए डिवाइसेस की मदद ली. ध्यान रहे यह वही कंपनी है जो आधार की नियामक संस्था यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) को बायोमीट्रिक तकनीक यानि सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराती है.

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दरअसल, क्रॉसमैच की इंडिया में ऑपरेशन स्मार्ट आईडेंटिटी डिवाइसेस प्राइवेट लिमिटेड के साथ साझेदारी है. विकिलीक्स ने ट्वीट किया, ‘क्या सीआईए के जासूस भारत के राष्ट्रीय पहचान डेटाबेस को चुरा चुके हैं?’ कुछ देर बाद, एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘क्या सीआईए ने भारत का आधार डेटाबेस चुरा लिया है?’

विकिलीक्स ने इसके साथ ही एक मैगजीन का में छपे आर्टिकल का लिंक भी शेयर किया. हालांकि आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट विकीलीक्स ने लीक नहीं की है, बल्कि ये एक वेबसाइट के द्वारा रिपोर्ट है.

सरकार ने इस पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि क्रॉस मैच बॉयोमेट्रिक डिवाइस बनाने वाली कंपनी है जो पूरे विश्व में इस तरह के डिवाइस सप्लाई करती है. जो भी वेंडर आधार का डाटा कलेक्ट करते हैं वो इनक्रिप्टेड फॉर्म में आधार सर्वर को ट्रांसफर हो जाता है. आधार का डाटा पूरी तरह से सेफ है.

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