Monday, October 18, 2021

 

 

 

अज़रबैजान या अर्मेनिया – जानिये कौन है कौन है ज्यादा शक्तिशाली?

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नयी दिल्ली – पिछले छह दिनों से लगातार अर्मेनिया तथा अज़रबैजान के बीच जंग लगातार जारी है तथा दोनों देशों का काफी नुक्सान होने के बाद भी जंग के आसार ख़त्म होते नज़र नही आ रहे हैं. ऐसे में विश्व समुदाय की शान्ति स्थापना की अपील भी बेअसर होती प्रतीत हो रही है.

वहीँ अर्मेनिया के तरफ से रूस के शामिल होने से यह युद्ध और अधिक जटिल बन गया है जिसे लेकर united nation भी गंभीर नज़र आ रहा है. चुकी काफी देश इस युद्ध को लेकर अलग अलग खेमे में बंट चुके हैं लेकिन कोहराम न्यूज़ आपके लिए लेकर आया है यह जानकरी की दोनों देशो बिना किसी की मदद लिए कितने अधिक शक्तिशाली है.

दोनों देशों में एक ख़ास बात यह है की आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से अज़रबैजान, अर्मेनिया से तीन गुना बड़ा है. जहाँ अज़रबैजान का क्षेत्रफल लगभग 86,600 वर्ग किलोमीटर है वहीँ अर्मेनिया के क्षेत्रफल लगभग 30 हजार वर्ग किलोमीटर है. जबकि अर्मेनिया की 30 लाख की आबादी के मुकाबले अज़रबैजान की आबादी लगभग 97 लाख है.

मिलिट्री बजट 

अज़रबैजान का मिलिट्री बजट 2.7 बिलियन डॉलर है, जबकि अर्मेनिया का मिलिट्री बजट इसके मुकाबले बहुत कम लगभग 0.5 बिलियन डॉलर है लेकिन इसमें देखने वाली बात यह है की अर्मेनिया 0.5 बिलियन डॉलर मिलिट्री बजट होने के बावजूद अपनी जीडीपी का 4.7% खर्च करता है, वहीँ अज़रबैजान का मिलिट्री बजट अर्मेनिया के प्रतिशत मुकाबले में थोडा ज्यादा होने के बाद उसके कुल बजट से लगभग 5 गुना अधिक हो जाता है, जो की यह संकेत देता है की अज़रबैजान की कुल जीडीपी अर्मेनिया के मुकाबले काफी अच्छी है.

सैनिक संख्या 

चलिए अब बात करते हैं दोनों देशों के सैनिको की संख्या के बारे में, इसके लिए हम यहाँ चीन की तुलना करते हुए चलेंगे, जिससे आपको आसानी से अंदाज़ा आ जाएगा.

चीन की तुलना में अज़रबैजान के पास मात्र 3% सैनिक संख्या है वहीँ अर्मेनिया की आबादी कम होने के बावजूद उसने चीन के मुकाबले 2% सैनिकों की संख्या बनाये रखी है, जिससे एक बात यह निकलकर सामने आती है की अर्मेनिया में सेना पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है, जिससे की भविष्य में उनका देश भी सैनिक शक्ति से कम ना रहे.

अज़रबैजान के पास 67,000 सक्रीय सैनिक क्षमता है तथा उसने लगभग 3 लाख को रिज़र्व में रखा हुआ है, वहीँ दूसरी तरफ अर्मेनिया के पास 45,000 सक्रीय सैनिक क्षमता है तथा उसने 210,000 को रिज़र्व में रखा है, इसके अलावा विकट परिस्थितियों को लेकर अज़रबैजान ने लगभग एक तिहाई आबादी को “अवेलेबल केटेगरी” में डाला हुआ है, जिसका मतलब की ज़रूरत पड़ने पर आम नागरिकों को भी युद्ध के लिए तैयार किया जा सकता है वहीँ अर्मेनिया के पास यह संख्या 8 लाख है.

थल सेना की अगर बात की जाए तो, थल सेना के पास 665 टैंक्स मौजूद है वहीँ दूसरी तरफ अर्मेनिया के पास 529 टैंक का जमावड़ा है. इसी तरह अज़रबैजान के पास लगभग 1600 हथियारबंध वाहन है जो युद्ध में काम आ सकते हैं वहीँ अर्मेनिया के पास लभगभ 1000 ऐसे वाहन हैं.

अज़रबैजान के शक्ति उसकी कम दूरी तक गोला फेकने में अधिक है, जबकि अर्मेनिया के पास मात्र 293 तोपे है वहीँ अज़रबैजान के पास यह संख्या बहुत बड़ी होकर लगभग 740 है

वहीँ स्व-चालित तोपें के मामले में अज़रबैजान के आगे अर्मेनिया कही टिकता नज़र नही आता, अर्मेनिया के पास मात्र 38 स्व चालित तोप हैं वहीँ अज़रबैजान के पास यह 237 हैं

थल सेना के बाद अगर बात की जाए एयर फाॅर्स की तो नीचे दिए गये आंकड़े साफ़ बता रहे हैं की अर्मेनिया इस मुकाबले काफी कमज़ोर नज़र आता है, अज़रबैजान के पास लगभग 127 एयरक्राफ्ट है वहीँ अर्मेनिया के पास यह संख्या आधी होकर मात्र 65 रह जाती है.

चूँकि इन दोनों देशों के युद्ध में नेवी की ज़रूरत ना के बराबर है क्योंकी अर्मेनिया के पास जल सीमा नहीं है, इसी कारण उसके पास नेवी आर्मी नहीं है. वहीँ अर्मेनिया से युद्ध के लिए अज़रबैजान की नेवी भी किसी काम की नही है. उपरोक्त जानकरी के अनुसार अगर अकेले दोनों देशो की आर्मी पॉवर की बात की जाए तो उसमे अज़रबैजान अर्मेनिया से काफी आगे है, लेकिन एक तिहाई आबादी होने के बाद भी अर्मेनिया ने अपनी सेना की संख्या अज़रबैजान के मुकाबले में काफी बेहतर बना रखी है.

नोट – यह सभी आंकड़े armedforces.eu नामक वेबसाइट से लिए गये हैं, यह वेबसाइट वो आंकड़े उपलब्ध कराती है जो किसी देश की standalone आर्मी पॉवर है.

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