अमीरात के विदेश मंत्री का ट्वीट करने पर राष्ट्रपति एर्दोगान ने गुस्से से जवाब दिया है. अमीरात के विदेश मन्त्री का तुर्की के एतिहासिक नेताओं की फोटो पर ट्वीट करने के बाद एर्दोगान ने विदेश मंत्री पर जुबानी हमला किया है.

अब्दुल्लाह बिन ज़ायेद अल नाह्यान का नाम लिए बिना ही एर्दोगान ने कहा की “कुछ अरब नेता अपनी अज्ञानता और अयोग्यता को कवर करने के लिए उनके देश का विरोध कर रहे हैं”

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तुर्की के प्रधानमन्त्री के प्रवक्ता इब्राहीम कालीन ने दावा किया है की “संयुक्त अरब अमीरात विदेश मंत्री ने ट्वीट कर एर्दोगान के बुजुर्गों पर मदीना में अपहरण और चोरी करने का आरोप लगाया और उन्होंने अपने ट्वीट में कहा की “1916 से 1919 तक मदीना में रहने वाले गवर्नर फहरेदीन पाशा एक चोर था” “यह एर्दोगान के पूर्वज हैं और यह सम्बन्ध था उनका अरबों के साथ”.

यह शहर, जो पैगंबर मुहम्मद(स.अ.व.) की कब्र को रखता है और मुस्लिमों का सम्मान करता है, वे ब्रिटिश और उनके अरब सहयोगीयों द्वारा विश्व युद्ध में हार गए, उन पर तुर्की का शासन था.

इस ट्वीट के तुरंत बाद कालीन ने रिट्वीट कर विदेश मंत्री को चेताया और कहा की उनका उद्देश्य तुर्की और अरब को एक दुसरे के विरोध करने की योजना है”

उन्होंने लिखा  “यह फ़हरदीन पाशा थे जिन्होंने ब्रिटिश योजनाओं के खिलाफ मदीना का बहादुरी से बचाव किया था”

बुधवार को एक भाषण के दौरान एर्दोगान ने इस बात को  आगे बढ़ाई और कहा की “जब फ़हरदीन पाशा मदीना की रक्षा कर रहे थे, आपके पूर्वज कहाँ थे? ” आप दुखी होते हैं, और हमें बदनाम करते हैं.”

क़तर को जब से तुर्की ने समर्थन दिया है तब से अरब गणराज्य तुर्की से थोडा खफा हैं, अंकारा ने संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, बहरीन और मिस्र सहित चार अरब राज्यों के नाकाबंदी और अन्य दंडात्मक उपायों के अधीन कतर के लिए अपना समर्थन दिया है, अरब चौकड़ी ने दोहा पर “चरमपंथ” और उनके क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी ईरान का समर्थन करने का आरोप लगाया था जिसे क़तर ने ख़ारिज कर दिया था.

तुर्की ने कतर में एक सैन्य अड्डे का निर्माण किया है और वहां वहां सैनिकों को तैनात किया है, साथ ही चार देशों द्वारा आवश्यक उत्पादों के साथ अरब गल्फ अवयव का समर्थन भी किया है.

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