मास्को | सीरिया में अमेरिका हमले के बाद दुनिया की दो महाशक्ति के बीच सैन्य टकराव के आसार बढ़ गए है. रूस ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है की मास्को और वाशिंगटन के बीच सैन्य टकराव केवल एक इंच दूर है. इसके अलावा रूस ने सीरिया के बंदरगाह पर एंटी क्रुज मिसाइलों से तैनात अपने जंगी बेड़े तैनात कर दिए है. यही नही रुसी राष्ट्रपति ने सीरिया के अन्दर अपनी सैन्य ताकत बढाने के भी निर्देश दिए है.

शुक्रवार को अमेरिका ने एक विडियो जारी कर बताया की उन्होंने सीरिया पर करीब 60 क्रुज मिसाइलों से हमला किया है. अमेरिका का कहना है की सीरिया सरकार ने रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर अन्तराष्ट्रीय कानूनों का उलंघन किया है. इस हमले के बाद रूस और अमेरिका के बीच बने समीकरणों में नाटकीय तौर पर बदलाव आया है. रूस अमेरिकी कार्यवाही से इतना नाराज हुआ है की उसने अमेरिका के खिलाफ सैन्य कार्यवाही की चेतावनी दी है.

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रुसी प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा की उसके द्वारा किये गए हमले के कारण मास्को और वाशिंगटन के बीच सैन्य टकराव केवल एक इंच दूर रह गया है. बताते चले की अमेरिका की मिसाइल ने उस इलाके को निशाना बनाया है जहाँ सीरियाई सुरक्षाबालो के अलावा रुसी सैनिक भी तैनात है. उधर रुसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने सीरिया में रुसी सैन्य क्षमताओ को मजूबत करने का निर्देश दिया है.

पुतिन के आदेश पर रूस ने क्रूज मिसाइलों से लेस अपने लड़ाकू जहाजो को ब्लैक सी से निकालकर सीरियाई बंदरगाह पर तैनात कर दिए है. इसके अलावा बड़ी संख्या में सतह से हवा में मार करने वाली S-400 और S-300 मिसाइल की नयी खेप भी सीरिया भेजने का आदेश दिया गया है. हालाँकि रूस का कहना है की यह सब सीरिया के राष्ट्रपति असद और रुसी सेना की सुरक्षा के लिए तैनात किये गए है.

हालाँकि रूस ने अभी तक एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल तैनात नही की है. लेकिन उन्होंने अमेरिका के साथ चलने वाली अपनी हॉटलाइन सर्विस को बंद कर दिया है. रूस और अमेरिका इस हॉटलाइन का इस्तेमाल सीरिया में अपनी सैन्य कार्यवाही के दौरान दोनों देशो के सीधे टकराव से बचने के लिए करती थी.

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