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देश के हज़ारों-करोड़ लेकर फरार हुए शराब कारोबारी विजय माल्या के भारत प्रत्यर्पण पर 10 दिसंबर को फैसला आएगा। इंग्लैंड की मुख्य मजिस्ट्रेट एम्मा अर्बुथनोट ने बुधवार को कहा कि माल्या को ब्रिटेन से भारत प्रत्यर्पित करने के मामले में 10 दिसंबर को फैसला दिया जाएगा। कोर्ट ने इस पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

बता दें कि भारत सरकार ने ने ब्रिटेन से 62 वर्षीय विजय माल्या को भारत प्रत्यर्पित करने का अनुरोध किया है ताकि उस पर ऋण न चुकाने के लिए आपराधिक मुकदमा चलाया जा सके। कोर्ट में सुनवाई के दौरान माल्या ने कहा कि भारत छोड़ने से पहले उन्होंने वित्त मंत्री से मुलाकात की थी।

लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट में पत्रकारों से बातचीत में माल्या ने कहा, “भारत छोड़ने से पहले मामले के निपटारे के लिए मैं वित्त मंत्री से मिला था। मैंने बैंकों के साथ मामला सुलझाने के लिए दोबारा ऑफर भी दिया था। बैंकों ने निपटारे के प्रस्ताव वाली मेरी चिट्ठियों पर आपत्ति दर्ज की थी।”

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लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने फेसबुक पोस्ट के जरिए बताया कि उनके संज्ञान में ये बात आई है कि विजय माल्या ने लंदन में बैंकों से सेटलमेंट के संबंध में कुछ कहा है। जेटली लिखते हैं कि विजय माल्या का बयान सच से परे हैं। उसमें किसी तरह की सच्चाई नहीं है। 2014 के बाद उन्होंने माल्या को मिलने के लिए अप्वाइंटमेंट नहीं दिया था, लिहाजा उनसे मिलने का सवाल ही नहीं उठता है। विजय माल्या चूंकि राज्यसभा के सदस्य थे और वो कभी कभी संसद आया करते थे।

एक मौके पर उन्होंने विशेषाधिकार का उल्लंघन किया। एक बार मैं (अरुण जेटली) सदन की कार्यवाही में शामिल होने के बाद वो अपने कमरे में जा रहे थे। विजय माल्या तेजी से उनकी तरफ आगे बढ़े, और बोले की उन्होंने सेटलमेंट के लिए ऑफर दिया है। लेकिन पहले के उनके इस तरह के झूठे वादों को मैं जानता था और बोला कि इस मुद्दे पर उनसे बातचीत का कोई मतलब नहीं है, बेहतर है कि वो बैंकों के पास जाकर अपने मुद्दे को सुलझाएं। उस वक्त मैंने उनसे किसी तरह का पेपर नहीं लिया जो विजय माल्या के हाथों में था। सिर्फ इस वाक्य के अलावा किसी तरह की बात नहीं हुई। जहां तक विजय माल्या को अप्वाइंटमेंट देने की बात थी तो उसका सवाल ही नहीं पैदा होता था।

वहीं कांग्रेस ने विजय माल्या के इस दावे को लेकर सरकार पर हमला बोला है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस पिछले 18 महीनों से कह रही है कि विजय माल्या ही नहीं नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और कई अन्य को बिना किसी रोक-टोक के देश छोड़ने दिया गया।

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