Sunday, August 1, 2021

 

 

 

अमेरिका ने भारत में कोरोनावायरस के नाम पर मुस्लिमों पर हो रहे हमलों की निंदा की

- Advertisement -
- Advertisement -

निजामुद्दीन मरकज के मामले के सामने आने के बाद देश भर में कोरोना वायरस के फैलने के लिए न केवल मुस्लिमों को जिम्मेदार ठहराया गया बल्कि देश भर में मुसलमानों के साथ हिंसा भी जारी है। जिसमें झूठी खबरे फैला कर भारतीय मीडिया ने बड़ी भूमिका निभाई है।

देश भर में मुस्लिमों पर हो रहे हमलों की अमेरिकी आयोग ने कड़ी आलोचना की है। US Commission on International Religious Freedom (USCIRF) ने अपने ट्वीट में कहा, यूएससीआईआरएफ ने कोरोनोवायरस के प्रसार पर झूठी अफवाहों और राजनेताओं द्वारा खतरनाक बयानबाजी के कारण भारत में मुसलमानों पर लगातार हो रहे हमलों की निंदा की। यह कलंक अधिक भेदभाव और हिंसा को जन्म दे सकता है।

इससे पहले सयुंक्त राष्ट्र भी कोरोना का मुस्लिमों से जोड़ने की आलोचना कर चुका है। मंगलवार को निजी क्षेत्र, गैर सरकारी संगठनों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों, रेनाटा लोक-डेसालियन (भारत में संयुक्त राष्ट्र की रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर) के साथ समन्वय करने वाले सशक्त समूह की सातवीं बैठक में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में भारत के प्रतिनिधि ने भारत सरकार से साफ तौर पर किसी भी धर्म विशेष के लोगों को कोरोना के लिए कलंकित करने को लेकर लड़ने का आग्रह किया है।

वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी 6 अप्रैल, 2020 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देशों को धर्म या किसी अन्य मानदंड के संदर्भ में कोरोनावायरस रोग (COVID-19) के मामलों की प्रोफाइल नहीं देनी चाहिए।

6 अप्रैल को भारत से जुड़े विशेष सवाल पर डब्ल्यूएचओ के आपातकालीन कार्यक्रम निदेशक माइक रयान ने कहा, “यह मदद नहीं करता है।” COVID-19 का होना किसी की गलती नहीं है। हर मामला एक पीड़ित का है। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम नस्लीय, धार्मिक और जातीय आधारों के आधार पर मामलों को प्रोफाइल नहीं करते हैं।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles