अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने रूस के साथ अमेरिका के इंटरमीडिएट-रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज (आईएनएफ) संधि से अलग होने की घोषणा की है।

नेवादा में शनिवार को एक रैली के दौरान ट्रंप ने आरोप लगाया कि रूस 1987 संधि का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘संधि का कई सालों से उल्लंघन हो रहा है। हमें उन हथियारों को विकसित करना होगा।’

ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे मौके पर आई है जब उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारजॉन बोल्टन शनिवार से रूस दौरे पर हैं जहां वह रूसी नेताओं को इस ऐतिहासिक सौदे से बाहर निकलने की अमेरिकी योजना की जानकारी दे सकते हैं। बता दें कि  साल 1987 में अमेरिका के राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन और उनके तत्कालीन यूएसएसआर समकक्ष मिखाइल गोर्बाचेव ने मध्यम दूरी और छोटी दूरी की मिसाइलों का निर्माण नहीं करने के लिए आईएनएफ संधि पर हस्ताक्षर किए थे।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘जब तक रूस और चीन एक नए समझौते पर सहमत ना हो जाए तब तक हम समझौते को खत्म कर रह हैं और फिर हथियार बनाने जा रहे हैं।’ ट्रंप ने आरोप लगाया, ‘रूस ने समझौते का उल्लंघन किया। वे कई वर्षों से इसका उल्लंघन कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हम उन्हें परमाणु समझौते का उल्लंघन करने और हथियार बनाने नहीं दे रहे और हमें भी ऐसा करने की अनुमति नहीं है।’

ट्रंप ने कहा, ‘जब तक रूस और चीन हमारे पास नहीं आते और कहते कि चलिए हमारे में से कोई उन हथियारों को न बनाए तब तक हमें उन हथियारों को बनाना होगा लेकिन अगर रूस और चीन यह कर रहे हैं और हम समझौते का पालन कर रहे हैं तो यह अस्वीकार्य है।’

उन्होंने कहा कि जब तक दूसरे देश इसका उल्लंघन करते रहेंगे तब तक अमेरिका इस समझौते का पालन नहीं करेगा। ट्रंप ने आरोप लगाया कि उनके पूर्ववर्ती बराक ओबामा ने इस पर चुप्पी साधे रखी। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि क्यों राष्ट्रपति ओबामा ने बातचीत करने या बाहर निकलने की कोशिश नहीं की।’