अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में खटास बढती ही जा रही है. पाक विदेशमंत्री ख्वाजा आसिफ के तीन दिवसीय दौरे के बावजूद अमेरिका के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है.

अमेरिका जाने से पहले आसिफ ने अमेरिकी अधिकारियों के बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि इन बयानों से क्षेत्र में शांति व सुरक्षा उत्पन्न करने के प्रयासों को आघात पहुंचेगा. दरअसल, अमेरिका ने आतंकवाद से मुकाबले के संबंध पाक को अपना रवैया सुधरने का आखिरी मौके देने की चेतावनी दी है.

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इन बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तानी विदेशमंत्री ने कहा कि इस्लामाबाद आतंकवादियों के समस्त गुप्त ठिकानों को नष्ट करने का पक्का इरादा रखता है. साथ ही उन्होंने अफगान युद्ध में अमेरिका की हार की बात कहते हुए कहा कि अमेरिका इस्लामाबाद पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप लगाकर अपनी हार पर पर्दा डालना चाहता है.

अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान आसिफ ने विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एच आर मैक्मास्टर से मुलाकात की. इसी बीच खबर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने टाॅप राजनयिक तथा सैन्य सलाहकारों को अक्टूबर के अंत तक पाकिस्तान भेजेंगे.

अमेरिका के एक प्रमुख थिंक टैंक के एक विशेषज्ञ का कहना है कि अमेरिका-पाकिस्तान रिश्ते गंभीर संकट में हैं और दोनों देशों के बीच अविश्ववास गहराया है.

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