अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन की अफ़ग़ानिस्तान में मौजूदगी को लेकर अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है.

करज़ई ने कहा है कि इस देश में ISIS का जनक और उसके फलने-फूलने का मुख्य कारण अमेरिका है. उन्होंने कहा कि ISIS को हथियार अमेरिका दे रहा है और उसका वित्तीय समर्थन भी अमेरिका कर रहा है.

उन्होंने कहा, इस समय 14 हजार अमेरिकी सैनिकों सहित लगभग 17 हज़ार विदेशी सैनिक अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद हैं. बावजूद इसके ISIS अफगानिस्तान में फल-फूल रहा है. ऐसे में स्पष्ट है कि यह अमेरिकी उपस्थिति का परिणाम है और अफ़ग़ानिस्तान में शांति व सुरक्षा की स्थापना की एक रुकावट अमेरिकी सैनिकों की उपस्थिति है.

हामिद करज़ई ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी और विदेशी सैनिकों की उपस्थिति ने न केवल इस देश की शांति व सुरक्षा में कोई सहायता नहीं की है बल्कि अफ़ग़ानिस्तान में आतंकवाद के फलने- फूलने का कारण बनी है.

ध्यान रहे अमेरिकी सैनिक आतंकवाद से मुकाबले के बहाने वर्ष 2001 से अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद हैं परंतु उनकी उपस्थिति का परिणाम इस देश के हज़ारों आम नागरिकों की हत्या और इस देश की आधार भूत संरचनाओं के तबाह होने के अलावा कुछ और नहीं रहा.

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