रूस से खरीदा एस-400 मिसाइल सिस्टम, अमेरिका ने तुर्की को एफ-35 विमान की डिलेवरी रोकी

तुर्की के रूस निर्मित एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने के निर्णय लेने के साथ ही अमेरिका तुर्की पर भड़का हुआ है। ऐसे में अब उसने आखिरकार तुर्की को एफ-35 लड़ाकू विमानों के सहायक उपकरणों की आपूर्ति रोक दी है।

लेफ्टिनेंट कर्नल माइक एंड्र्यूज ने सोमवार को सीएनएन से एक बयान में कहा कि तुर्की के एस-400 की आपूर्ति रोकने के निर्णय को लंबित करने के कारण तुर्की की एफ-35 के संचालन से संबंधित आपूर्तियों और गतिविधियों को भी रोक दिया गया है। इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर तुर्की से हमारी बातचीत आभी जारी है।

उन्होंने कहा कि हमारी एफ-35 साझेदारी को लेकर मौजूदा परिस्थिति का हमें बहुत दुख है, लेकिन रक्षा विभाग हमारी महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी में साझा निवेश को बचाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। यह घोषणा नाटो की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर तुर्की के विदेश मंत्री के एक मंत्री स्तरीय बैठक के लिए वॉशिंगटन रवाना होने के दौरान हुई।

एंड्र्यू ने कहा, “अमेरिका तुर्की को उसके एस-400 खरीद के नकारात्मक परिणामों के बारे में लगातार चेतावनी देता रहा है।” उन्होंने कहा, “हम हालांकि स्पष्ट हैं कि एस-400 का अधिग्रहण एफ-35 के अनुकूल नहीं है और एफ-35 कार्यक्रम में तुर्की के शामिल रहने पर खतरा मंडरा रहा है।”

अमेरिका में बना ये लड़ाकू विमान एफ़-35 बहुत ही तेज गति का विमान हैं। इस लड़ाकू विमान को नई तकनीक से बनाया गया है। इस विमान में रडार की पकड़ से बच निकलने की क्षमता है। रडार में ना दिखने की वजह से ये दुश्मन के विमानों को बहुत ही कम वक्त में गिरा सकता है। इसमें ख़ास सेन्सर लगे हुए हैं, जिसके कारण डेटा जल्द ही सैन्य कमांडरों के साथ साझा किया जा सकता है। साथ ही ये विमान रडार को जैम करने की क्षमता भी रखता है।

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