Saturday, September 25, 2021

 

 

 

अमेरिका ने ईरान पर लगाए नए प्रतिबंध, जवाब में राष्ट्रपति रूहानी ने उठाया बड़ा कदम

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वॉशिंगटन. अमेरिका ने ईरान पर बुधवार को नए प्रतिबंध लगाए हैं। ये प्रतिबंध लोहा, स्टील, एल्युमीनियम और तांबे के निर्यात पर लगाए गए हैं। व्हाइट हाउस के मुताबिक, ईरान के कुल निर्यात का 10% इन्हीं धातुओं के निर्यात से मिलता है।

ट्रम्प ने कहा, ‘‘मैंने ईरान के लोहा, स्टील, एल्युमीनियम और तांबा सेक्टर पर प्रतिबंध लगाने के आदेश पर दस्तखत कर दिए हैं। ईरान के निर्यात राजस्व का सबसे बड़ा गैर-पेट्रोलियम स्रोत यही है। प्रतिबंधों का मकसद ईरान को धातुओं के निर्यात से होने वाले राजस्व में कटौती करना है। हम दूसरे देशों से भी यही कहना चाहते हैं कि ईरान से आने वाले स्टील और अन्य धातुओं को अपने बंदरगाहों पर न उतरने दें।’’

वहीं ईरान ने बुधवार को कहा कि उसने 2015 के समझौते में उसकी परमाणु गतिविधियों को लेकर तय हुई शर्तों का अनुपालन तब तक के लिए रोक दिया है जब तक कि वह नये सिरे से लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों से बाहर निकलने का तरीका नहीं तलाश लेता।  ईरान ने कहा कि उसकी यह प्रतिक्रिया एकपक्षीय प्रतिबंधों को लेकर है जो अमेरिका एक साल पहले सौदे से अलग होने के बाद से अंधाधुंध लगाता जा रहा है। इन प्रतिबंधों ने ईरान की अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। उसने कहा है कि वह कुछ प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से लागू करना बंद कर रहा है जिन पर उसने सहमति जताई थी।

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ईरान ने कहा है कि वह और शर्तों का पालन भी रोक देगा अगर समझौते के शेष बचे पक्ष – ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी एवं रूस 60 दिनों के भीतर प्रतिबंधों से राहत दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता पर काम शुरू नहीं करते। राष्ट्रपति हसन रूहानी ने रेखांकित किया कि यह समय सीमा देने की मंशा परमाणु सौदे को उनके अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप से बचाने की है जो आठ मई, 2018 से इससे बाहर होने के बाद से बार-बार इसे रद्द करने की बात कहते रहे हैं।

रूहानी ने कैबिनेट की एक बैठक में कहा, “हमें लगता है कि परमाणु समझौते में सुधार किए जाने की जरूरत है और पिछले साल किए गए उपाय प्रभावहीन रहे हैं। ये सुधार समझौते को बचाने के लिए है न कि उसे समाप्त करने के लिए।” रूस के आधिकारिक दौरे पर गए विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ ने कहा कि ईरान की कार्रवाई परमाणु सौदे का उल्लंघन नहीं करती। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों ने बार-बार कहा है कि ईरान इस सौदे का अनुपालन करता है।

जरीफ ने सरकारी टीवी चैनल से कहा, “हम जेसीपीओए (परमाणु सौदे) से हट कर काम नहीं कर रहे बल्कि इसके ढांचे के तहत ही काम कर रहे हैं।” अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की सहमति से हुए इस ऐतिहासिक समझौते के तहत सौदे के पक्षों को ईरान पर परमाणु संबंधित प्रतिबंध हटाने थे। इसके बदले में वह अपनी उन गतिविधियों पर लगाम लगाता जिनको लेकर डर था कि वह परमाणु बम बनाने की क्षमता प्रदर्शित करना चाहता है।

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