देश में जारी किसानों आंदोलन को लेकर एक बाद एक अंतराष्ट्रिय प्रतिक्रिया सामने आ रही है। इस मामले में अब अमेरिका की पहली प्रतिक्रिया आई है। अमेरिका ने कहा कि किसी भी देश में शांतिपूर्ण विरोध को लोकतंत्र की पहचान माना जाता है। कृषि कानूनों को लेकर हुए मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।

अमेरिका ने बुधवार को कहा कि वह उन प्रयासों का स्वागत करता है जिससे भारत के बाजारों की क्षमता में सुधार होगा और निजी क्षेत्र निवेश के लिए आकर्षित होगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘अमेरिका उन कदमों का स्वागत करता है जिससे भारत के बाजारों की क्षमता में सुधार होगा और निजी क्षेत्र की कंपनियां निवेश के लिए आकर्षित होंगी।’

भारत में चल रहे किसानों के प्रदर्शन पर एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका वार्ता के जरिए दोनों पक्षों के बीच मतभेदों के समाधान को बढ़ावा देता है। प्रवक्ता ने कहा, ‘हम मानते हैं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन किसी भी सफल लोकतंत्र की पहचान है और भारत के उच्चतम न्यायालय ने भी यही कहा है।’

वहीं सांसद हेली स्टीवेंस ने कहा, ‘भारत में नए कृषि कानूनों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की खबर से चिंतित हूं।’ तो सांसद इलहान उमर ने भी प्रदर्शनकारी किसानों के प्रति एकजुटता दिखायी।

बता दें कि कृषि कानूनों को लेकर किसान आंदोलन पर अमेरिका की तरफ से ये प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब कई अंतराष्ट्रीय हस्तियों ने आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।