कांग्रेस ने कम की डोनाल्ड ट्रंप की वार पावर, ईरान पर हमले से पहले लेनी होगी अब मंजूरी

वाशिंगटन: अमेरिकी कांग्रेस ने कई महीने से चले आ रहे तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान पर हमला करने से रोकने संबंधी प्रस्ताव को बुधवार को अंतिम मंजूरी दे दी।

प्रतिनिधि सभा में प्रस्ताव के पक्ष में 227 जबकि विपक्ष में 186 वोट पडे़। प्रस्ताव के मुताबिक, कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान पर सैन्य कार्रवाई नहीं की जा सकती है। सीनेट में इस बारे में एक प्रस्ताव पहले ही पारित हो चुका है।

हालांकि, प्रस्ताव को ट्रंप द्वारा वीटो किया जाना लगभग निश्चित है और इसे रद्द करने के लिए ज्यादातर डेमोक्रेटों और मुट्ठी भर युद्ध-विरोधी रिपब्लिकन के पास वोटों की कमी है।

बगदाद के उत्तर में सैन्य अड्डे पर रॉकेट दागे जाने के कुछ ही क्षणों के बाद प्रतिनिधि सभा ने प्रस्ताव पर मतदान किया। इस हमले में एक अमेरिकी सैनिक, एक ब्रिटिश सैनिक और एक अमेरिकी ठेकेदार की मौत हो गई थी। पिछले कई वर्षों में विदेशी सेना पर किया गया यह भीषणतम हमला है।

गत दिसंबर में हुए एक हमले में अमेरिकी ठेकेदार की मौत हो गई थी, जिसका आरोप ईरान पर आया था। इसके बाद, तीन जनवरी को ट्रंप ने ड्र्रोन हमले का आदेश दिया था, जिसमें बगदाद हवाईअड्डे पर ईरान के सबसे ताकतवर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी।

प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट पार्टी के दूसरे सर्वोच्च नेता स्टेनी हॉयर ने कहा, ‘ दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जहां एक व्यक्ति फैसले लेता है। उन्हें तानाशाह कहा जाता है। हमारे देश के निर्माता नहीं चाहते थे कि अमेरिका को तानाशाह चलाएं।’

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