Thursday, September 23, 2021

 

 

 

अब अमेरिका की वेनेजुएला के तेल पर नजर, दबाव के लिए प्रतिबंध लगाना शुरू

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वेनेजुएला की अपार तेल संपदा पर नजर गड़ाए हुए अमेरिका ने अब अपनी चाले चलना शुरू कर दी है। विपक्षी नेता ख्वान ग्वाइदो को राष्ट्रपति घोषित कर अमेरिकी समर्थक सरकार के गठन के लिए अमेरिका ने अब दबाव बनाने के लिए वहां की तेल कंपनी पीडीवीएसए पर प्रतिबंध लगा दिया है।

बता दें कि वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है। इस भंडार की कमान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के हाथों में है। इसके अलावा वेनेजुएला का 1.2 अरब डॉलर का स्वर्ण भंडार भी बैंक ऑफ इंग्लैंड की तिजोरी में है। हालांकि अमेरिका के संघीय रिजर्व के दिशा निर्देश के बाद मादुरो विदेशों से होने वाली आय का ना के बराबर लाभ उठा सकेंग।

वेनेजुएला लंबे समय से पहले ही आर्थिक संकट से गुजर रहा है। यहां तक कि वहां रोटी के लिए भी जनता तरस रही है। साल 2014 में तेल के दामों में गिरावट आने की वजह से वेनेजुएला को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा, जिसके बाद वहां के हालात बिगड़ते गए और देश बड़े कर्जे तले दब गया। इस समय वेनेजुएला की 90 फीसदी आबादी गरीबी की चपेट में है। 2014 में गरीब आबादी की संख्या करीब 48 फीसदी थी, जो चार साल के भीतर तकरीबन दोगुनी हो चुकी है।

donald trump reuters 1

यूरोपीय संघ ने मादुरो से कहा है कि अगर उन्होंने 8 दिन के भीतर नए चुनावों का एलान नहीं किया तो ईयू गुआइदो को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में मान्यता दे देगा। अगर ऐसा हुआ तो वेनेजुएला का तेल उत्पादन काफी हद तक ठप पड़ जाएगा। वहीं, 2.9 करोड़ की आबादी वाले देश में महंगाई पहले ही आसमान छू रही है और पूरे देश में खाने की किल्लत लगातार हो रही है, जिसके और गंभीर होने की आशंका है।

न्यूयॉर्क के टोरिनो कैपिटल के चीफ इकोनॉमिस्ट फ्रांसिस्को रोड्रिगेज कहते हैं, “अगर मादुरो सत्ता में रहते हैं तो वेनेजुएला मानवीय त्रासदी का सामना कर सकता है।” रोड्रिगेज वेनेजुएला की तुलना 2011 के लीबिया से करते हैं। 2011 में ओबामा प्रशासन ने लीबिया सरकार की संपत्तियां सीज कर दी थीं। अमेरिका के कड़े फैसलों के चलते लीबिया का तेल उत्पादन 70 फीसदी गिर गया है। 1990 के दशक में कुवैत पर हमले के बाद इराक पर ऐसे ही प्रतिबंध लगाए गए थे, लेकिन तब अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मशविरा किया गया था।

हालांकि, अप्रैल 2013 से वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को अब भी उम्मीद है कि चीन और रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसकी मदद करेंगे। ये दोनों देश सुरक्षा परिषद में ऐसे प्रतिबंधों को वीटो अधिकार से रोक देंगे। प्रतिबंधों पर मादुरो ने कहा कि अमरीका ने वेनेज़ोएला के तेल सेक्टर पर एकपक्षीय रूप से प्रतिबंध लगाकर इस देश को तेल से हासिल होने वाली रक़म की चोरी कर रहा है।

राष्ट्रपति मादोरो ने कहा कि वाशिंग्टन की नज़र अमरीका में वेनेज़ोएला की कंपनी के वेंचर पर है जिसे वह ख़्वान के बहाने हथियान की कोशिश में है। उन्होंने कहा कि हम अमरीका के ख़िलाफ़ जवाबी क़ानूनी कार्यवाही करने पर विचार कर रहे हैं।

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