रविवार को दो दिन की भारत यात्रा पर पहुंचे तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन को सोमवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया की और से ऑनरेरी डिग्री-डिग्री ऑफ डॉक्टर ऑफ लेटर्स से सम्मानित किया गया हैं.

एम. ए. अंसारी ऑडिटोरियम में हुए स्पेशल कन्वोकेशन में जामिया के चांसलर एम. ए. जैकी ने तुर्की के प्रेजिडेंट को यह डिग्री दी. इस मौके पर जामिया के वाइस चांसलर प्रो. तलत अहमद भी मौजूद थे.

इस दौरान उन्होंने उम्मत के गठबंधन पर जोर देते हुए कहा कि वक्त का तकाज़ा है कि मुस्लिम देश आपसी अराजकता भूल करके गठबंधन के मोर्चे पर एकजुट हों. उन्होंने कहा कि मुस्लिम देश एकजुट हो जाएं तो न केवल उनके कई समस्यायें हल हो जाएंगे बल्कि उन्हें आगे बढ़ने का भी मौका मिलेगा.

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उन्होंने खिलाफत आंदोलन का जिक्र करते हुए भारतीय मुसलमानों की भूमिका को सराहा और कहा कि खिलाफत के अंत के खिलाफ भारतीय मुसलमानों ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर के नेतृत्व में भरपूर आवाज उठाई थी.

उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को याद करते हुए कहा कि खिलाफत आंदोलन उनके नेतृत्व में चलाई गई थी और जामिया मिल्लिया इस्लामिया का भी खिलाफत आंदोलन से गहरा रिश्ता रहा है क्यों कि जामिया के संस्थापकों का संबंध खिलाफत आंदोलन से था