Sunday, October 17, 2021

 

 

 

मसूद अज़हर को लेकर UN में भारत के साथ अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस एकजुट

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अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक नया प्रस्ताव पेश किया है। लिस्ट में नाम आने से मसूद पर वैश्विक यात्रा प्रतिबंध लग जाएगा और साथ ही उसकी संपत्ति जब्त हो जाएगी।

अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति से मौलाना मसूद अजहर पर हर तरह के प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इस प्रस्ताव में कहा है कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर हथियारों के व्यापार और वैश्विक यात्रा से जुड़े प्रतिबंध लगाने के साथ उसकी परिसंपत्ति भी फ्रीज की जाएं।

1 मार्च को फ्रांस बन जाएगा सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष

फ्रांस सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य है और उसके पास वीटो पॉवर है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मसूद पर प्रतिबंध लगाने के लिए फ्रांस प्रस्ताव तैयार कर रहा है। सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष हर महीने बदल जाता है। एक मार्च को इसकी अध्यक्षता इक्वेटोरियल गुयाना से फ्रांस के पास चली जाएगी। वह मसूद पर तैयार किए जा रहे प्रस्ताव को प्रतिबंध समिति के सामने रखेगा। इसे फ्रांस के राष्ट्रपति की अनुमति के बाद आगे बढ़ाया जाएगा।

3 बार पहले भी पेश हुआ प्रस्ताव, हर बार चीन ने अड़ंगा लगाया

मसूद पर प्रतिबंध लगाने के लिए पिछले 10 साल में चौथी बार प्रस्ताव लाया गया है। 2009 में भारत ने प्रस्ताव रखा था। 2016 में भारत, अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के समर्थन से दूसरी बार प्रस्ताव लाया। तीसरी बार 2017 में भी ऐसा ही प्रस्ताव लाया गया। चीन ने हर बार इसे तकनीकी तौर पर गलत बताकर रोक दिया।

पुलवामा हमले के बाद भी चीन का अड़ियल रवैया

पुलवामा हमले की जिम्मेदारी जैश ने ली। इसके बाद चीन ने कहा कि हम किसी भी तरह के आतंकवाद का विरोध करते हैं। लेकिन जहां तक मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने का मामला है तो हम इसे जिम्मेदार तरीके से देखेंगे।

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