Sunday, September 19, 2021

 

 

 

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने की पुलवामा हमले की कड़ी निंदा

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पुलवामा में हुए आतंकी हमले की भारत समेत पूरी दुनिया में कड़ी निंदा हो रही है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। यूएनएससी ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा किए गए इस हमले को जघन्य और कायराना करार दिया है। यूएनएससी ने इस हमले के दोषियों, षडयंत्रकर्ताओं और उन्हें धन मुहैया कराने वालों पर कार्रवाई के साथ जिम्मेदार ठहराए जाने पर जोर दिया।

हालांकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा पुलवामा हमले को लेकर जैश का नाम लिये जाने पर चीन ने अड़ंगा लगाया। चीन (China) ने मांग की कि पुलवामा हमले से आतंकी संगठन जैश का नाम हटाया जाए। बता दें कि इस परिषद में चीन वीटो क्षमता वाला स्थायी सदस्य है। उसने पूर्व में भारत द्वारा सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समिति से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की मांग के रास्ते में रोड़ा अटकाया है।

यूएनएससी के सदस्यों ने शहीद जवानों के परिवारों, घायलों और भारत सरकार के प्रति अपनी सहानुभूति और सांत्वना जाहिर की। साथ ही हमले में जख्मी जवानों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। सुरक्षा परिषद के देशों ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद किसी रूप में हो, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।

उन्होंने इस बात को दोहराया कि सभी देशों को आतंकवादी कृत्यों से पैदा होने वाले खतरों से सभी रूपों में संयुक्त राष्ट्र के चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून, अंतर्राष्ट्रीय शरणार्थी कानून और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून, अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरों जैसे अंतर्राष्ट्रीय कानूनों सहित अन्य दायित्वों के के अनुसार लड़ाई जारी रखनी है।

बता दें कि पुलवामा हमले के बाद चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जैश-ए-मोहम्मद या मसूद अजहर, पाकिस्तान या कश्मीर के नाम का जिक्र नहीं किया था। प्रवक्ता ने कहा था, ‘चीन को पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले की जानकारी मिली है। हमें इस हमले से स्तब्ध हैं। हम शहीदों के परिवारवालों के प्रति संवेदना जताते हैं। हम किसी भी प्रकार के आतंकवाद की निंदा करते हैं। हमें उम्मीद है कि इस क्षेत्र के देश आतंकी खतरे से निपटने के लिए आपसी सहयोग करेंगे और क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता को बनाए रखेंगे।’

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