शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) फिलीप्पो ग्रांडी ने रोहंग्या मुस्लिम शरणार्थियों की खराब स्थिति पर चिंता व्यक्त की है, जो अपने देश म्यांमार से पड़ोसी बांग्लादेश में “बहुत ही भयानक” स्थित से भाग कर आए हैं।

उन्होंने कहा कि स्थिति बहुत ही बदतर है। खास उन लोगों के लिए जो काफी लम्बे समय से यहाँ है. और नए आने वाले लोगों के लिए भी परिस्थितियाँ सामान्य नहीं है. उन्होंने बांग्लादेशी शहर कोंक्स बाजार के में दो शरणार्थी शिविरों का दौरा करने के बाद यह टिप्पणी की।

ग्रैंडी ने कहा कि म्यांमार के अधिकारियों ने बताया कि प्रत्यावर्तन से पहले शरणार्थियों की सत्यापन प्रक्रिया लंबे समय तक होगी, जिसकी  वजह से रोहंगिया शरणार्थियों को कुछ और समय के लिए “बांग्लादेशी शिविरों में” रहना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे में हमने अपनी तकनीकी विशेषज्ञता म्यांमार के समक्ष पेशकश की. हालाँकि मुझे लगता है कि  कि शरणार्थी  बांग्लादेश में कुछ और समय तक और रहे। “

हाल ही में यूएनएचसीआर प्रमुख ने चेतावनी दी थी कि अल्पसंख्यक मुस्लिम समूह “उत्तर रक्खिन में बहुत सख्त स्थिति” का सामना कर रहे है। यूएनएचसीआर प्रमुख ने जोर देकर कहा कि किसी भी स्थानांतरित स्वेच्छा से होना चाहिए।

गौरतलब रहें कि बांग्लादेश में करीब 400,000 रोहिंग्या मुस्लिम हैं, जिनमें लगभग 73,000 लोग म्यांमार में उत्पीड़न और हिंसा से छुटकारा पाने के लिए हाल ही में आये हैं।

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