मौ. जुबैर की गिरफ़्तारी पर बोला यूनाइटेड नेशन ‘पत्रकार को जेल नही होनी चाहिए’

फैक्ट चेकिंग वेबसाइट के सह संपादक मोहम्मद जुबैर को कोर्ट ने कल 4 दिन की रिमांड पर भेज दिया है, जुबैर से पूछताछ जारी है. आपको बताते चलें की उन पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया गया है. यह आरोप चार वर्ष पुराने एक ट्वीट को लेकर लगाया गया है. जिसमे उन्होंने एक फिल्म का स्क्रीनशॉट शेयर किया था.

इस मामले की गूँज यूनाइटेड नेशन तक पहुँच गयी है. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने भारत में ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर की गिरफ़्तारी के मामले में कहा कि पत्रकारों को लिखने, ट्वीट करने और कहने के लिए जेल नहीं होनी चाहिए.

न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अनुसार प्रवक्ता ने कहा की लोगो को किसी भी तरह के उत्पीड़न के बिना अपनी बात कहने की पूरी स्वतंत्रा होनी चाहिए.

उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था. मंगलवार को उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया और अदालत ने उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

पत्रकार ज़ुबैर की गिरफ़्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए महासचिव के प्रवक्ता स्टीफ़न दुजारिक ने कहा, ”दुनिया भर में किसी भी जगह, ये बहुत महत्वपूर्ण है कि लोगों को ख़ुद को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने की इजाज़त दी जाए. पत्रकारों को ख़ुद को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने की इजाज़त दी जाए, किसी ख़तरे या उत्पीड़न के बिना.”

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