Tuesday, August 3, 2021

 

 

 

तबलीगी मामले में बोला सयुंक्त राष्ट्र – कोरोना के लिए किसी संप्रदाय विशेष को न ठहराएं जिम्मेदार

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निज़ामुद्दीन मरकज मामले के सामने आने के बाद देश भर में मुस्लिम समुदाय विशेषकर तबलीगी जमात को कोरोना के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। जिसमे बड़े पैमाने पर मीडिया की झूठी खबरों की भूमिका रही। ऐसे में अब इस मामले में सयुंक्त राष्ट्र का सख्त बयान आया है।

मंगलवार को निजी क्षेत्र, गैर सरकारी संगठनों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों, रेनाटा लोक-डेसालियन (भारत में संयुक्त राष्ट्र की रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर) के साथ समन्वय करने वाले सशक्त समूह की सातवीं बैठक में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में भारत के प्रतिनिधि ने भारत सरकार से साफ तौर पर किसी भी धर्म विशेष के लोगों को कोरोना के लिए कलंकित करने को लेकर लड़ने का आग्रह किया है।

बैठक में कहा गया कि प्रवासी मजदूरों के मुद्दों और कुछ संप्रदायों के लोगों को ‘कलंक’ कहे जाने के खिलाफ जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है। ये जानकारी एक सूत्र ने दी है जो नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का हिस्सा था।

इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी 6 अप्रैल, 2020 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देशों को धर्म या किसी अन्य मानदंड के संदर्भ में कोरोनावायरस रोग (COVID-19) के मामलों की प्रोफाइल नहीं देनी चाहिए।

6 अप्रैल को भारत से जुड़े विशेष सवाल पर डब्ल्यूएचओ के आपातकालीन कार्यक्रम निदेशक माइक रयान ने कहा, “यह मदद नहीं करता है।” COVID-19 का होना किसी की गलती नहीं है। हर मामला एक पीड़ित का है। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम नस्लीय, धार्मिक और जातीय आधारों के आधार पर मामलों को प्रोफाइल नहीं करते हैं।”

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