Friday, July 30, 2021

 

 

 

कोरोना से लड़ने के लिए यूएई ने भेजी भारत को 7 मीट्रिक टन चिकित्सीय समाग्री

- Advertisement -
- Advertisement -

कोविड-19 महामारी से मुकाबला कर रहे भारत की संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने शनिवार को सात मीट्रिक टन चिकित्सीय सामग्री भेज बड़ी मदद की है। नई दिल्ली स्थित यूएई के दूतावास ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि विमान के जरिये भेजी गई सामग्री से लगभग सात हजार चिकित्सा कर्मियों के लिए सहायक होगी।

भारत में यूएई के राजदूत अहमद अब्दुल रहमान अलबन्ना ने कहा कि कोविड-19 महामारी से मुकाबला कर रहे देशों की सहायता करने के लिए यूएई प्रतिबद्ध है। यूएई की ओर से भारत को दी गई सहायता दोनों देशों के बीच कई वर्षों के गहरे और दोस्ताना संबंध का परिचायक है। कोविड-19 से पूरी दुनिया लड़ रही है और इस दौर में दूसरे देशों की सहायता करने के लिए यूएई प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा, “कोविड-19 का प्रसार एक प्राथमिक वैश्विक चिंता बन गई है और हमारा मानना है कि वायरस को रोकने के लिए अन्य देशों के प्रयासों को मजबूत करने की आवश्यकता है।” आज तक यूएई ने 34 से अधिक देशों को 348 से अधिक मीट्रिक टन सहायता प्रदान की है। इस प्रक्रिया के तहत लगभग 348,000 चिकित्सा पेशेवरों का सहयोग किया गया है।

वहीं भारत ने भी कोरोना संकट से जूझ रहे 55 देशों को मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन भेजी है। अधिकारियों ने बताया कि कई देशों को तो दवाई बेची जा रही जबकि कुछ देशों को इस महामारी से लड़ाई में मदद के तौर पर दवा भेजी गई है। अमेरिका, मॉरिशस और सेशेल्स जैसे कुछ देशों को तो कुछ दिनों पहले ही यह टैबलेट भेजा जा चुका है।

भारत अपने पड़ोसी देशों अफगानिस्तान, भूटान, बांग्लादेश, नेपाल, मालदीव, मॉरिशस, श्रीलंका और म्यांमार को यह दवा भेजी है। यह अभी पता नहीं चला है कि पाकिस्तान ने भी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की मांग की है या नहीं? वहीं, कई पड़ोसी देशों में भारत की मेडिकल टीम भी जाने की तैयारी में है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles