नाटो का सदस्य होने के बावजूद तुर्की की और से रूस से एस-400 मिसाइल का रक्षा सौदा किया गया. जिसको लेकर तुर्की पर पश्चिमी देश भड़के हुए है.

ये रक्षा सौदा सीरिया युद्ध में दोनों देशो के बीच मतभेदों के बावजूद किया गया है. ध्यान रहे पहले ही संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ तुर्की के संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं.

ऐसे में  तुर्क राष्ट्रपति रजब तैय्यब अर्दोगान ने अपने मित्र देशों की आलोचना को ख़ारिज करते हुए कहा, अपने सुरक्षा मामलों में मदद के लिए अंकारा पश्चिमी सैन्य गठबंधन का इंतेज़ार नहीं कर सकता.

अंकारा में अपने एक भाषण में अर्दोगान ने कहा, वे दीवाने हो गए हैं, इसलिए कि हमने एस-400 के लिए समझौता कर लिया है. हमें क्या करना चाहिए था? क्या हम आपका इंतेज़ार करते रहते? सुरक्षा के मामले में जो भी ज़रूरी होगा वह हम करेंगे.

सोमवार को अर्दोगान ने कहा था कि तुर्की पहले ही आधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणाली के लिए कुछ रक़म अदा कर चुका है. यह समझौता क़रीब 2.5 अरब डॉलर के मूल्य का है.

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