अमेरिका और तुर्की के रिश्तों में दरार बढ़ती ही जा रही है. तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोगान ने हाल ही में उत्पन्न हुए वीजा संकट के लिए अमेरिका को जिम्मदार ठहराते हुए कहा कि तुर्की अब अमेरिकी राजदूत का बहिष्कार करेगा.

एर्दोगान ने इस पुरे मामले में अमेरिका के राजदूत जॉन बास को जिम्मेदार बताया. सर्बिया की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस समस्या में अपराधी अमेरिका है. उन्होंने कहा, “मैंने व्यक्तिगत रूप से पाया कि उच्च स्तरीय अमेरिकी अधिकारियों ने इस मुद्दे पर हमारे विदेश मंत्री के साथ कोई भी संपर्क नहीं किया.”

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उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बास को वॉशिंगटन का तुर्की में वैध प्रतिनिधि नहीं माना जाता है. यदि बास ने तुर्की में वीजा सेवाओं को निलंबित करने की कार्रवाई की, तो वाशिंगटन को उन्हें अपने देश वापस बुला लेना चाहिए. साथ ही उन्होंने बताया कि अंकारा  में अमेरिका के राजदूत के साथ बैठक का बहिष्कार किया जा चूका है.

इस मामले में बास ने दूतावास के ट्विटर अकाउंट पर जारी बयान में कहा, “पिछले हफ्ते हमारे कूटनीतिक मिशन के एक तुर्की स्टाफ सदस्य को तुर्की अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था. इस गिरफ्तारी के कारणों को जानने के हमारे सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, हम यह निर्धारित करने में असमर्थ हैं कि ऐसा क्यों हुआ, उन्होंने कहा कि इस तरह की ये साल में दूसरी गिरफ्तारी है.

उन्होंने कहा कि वीजा सेवाओं में निलंबन की अवधि अमेरिकी दूतावास में तुर्की कर्मचारियों की गिरफ्तारी के संबंध में दोनों सरकारों के बीच वार्ता पर निर्भर होगी. बास ने कहा कि निलंबन की लंबाई “तुर्की की हमारी सुविधाओं और कर्मियों की सुरक्षा के लिए तुर्की सरकार की प्रतिबद्धता पर भी निर्भर करती है. हालंकि तुर्की नागरिकों पर वीजा प्रतिबंध नहीं है. ध्यान रहे तुर्की नाटो सदस्य है. जिसका नेतृत्व अमेरिका करता है.

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