Wednesday, October 20, 2021

 

 

 

तुर्की ने दी अर्मेनिया को चेतावनी – अगर युद्ध विराम का किया उल्लंघन तो चुकानी होगी कीमत

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तुर्की के विदेशमंत्री ने अर्मेनिया को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह कब्जे वाले नागोर्नो-काराबाख क्षेत्र पर अजरबैजान के साथ किए गए नवीनतम संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन करता है तो उसे उसकी कीमत चुकानी होगी।

मेव्लुत औवुसोउल्लु ने गुरुवार को कहा कि निकोलस पशिनियन ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह एक बाध्यकारी दस्तावेज है और अगर  समझौते का उल्लंघन होता है तो आर्मेनिया एक कीमत चुकाएगा।

उन्होने कहा, “अजरबैजान एक शांतिपूर्ण समाधान के पक्ष में है लेकिन यदि आर्मेनिया समझौते का उल्लंघन करने पर जोर देता है, तो इसके परिणाम भुगतने होंगे।”

तुर्की विदेशमंत्री ने बताया  कि अंकारा और मॉस्को जल्द ही अवलोकन केंद्र के विवरणों पर चर्चा करेंगे जो नागोर्नो-करबाख में संघर्ष विराम के उल्लंघन की निगरानी के लिए स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मानवरहित  वाहन इस क्षेत्र में निगरानी मिशन करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई उल्लंघन नहीं हो।

विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि तुर्की आशा करता है कि आर्मेनिया ने अन्य देशों के क्षेत्र पर हमला न करने के लिए अपना सबक सीखा लिया है। उन्होंने कहा, “मिन्स्क के तीनों देशों को भी इस प्रक्रिया में सबक सीखने की जरूरत है।”

आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच संबंध 1991 से तनावपूर्ण रहे हैं जब अर्मेनियाई सेना ने नागोर्नो-कराबाख पर कब्जा कर लिया था, एक क्षेत्र जिसे अजरबैजान के हिस्से के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त थी।

27 सितंबर को ताजा झड़पें हुईं, और अर्मेनियाई सेना ने 44 दिनों तक मानवीय संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन करते हुए नागरिकों और अज़रबैजानी बलों पर अपने हमले जारी रखे।

बाकू ने उस दौरान कई शहरों और लगभग 300 बस्तियों और गांवों को अर्मेनियाई कब्जे से मुक्त कराया। 10 नवंबर को, दोनों देशों ने लड़ाई को समाप्त करने और संघर्ष के व्यापक समाधान की दिशा में काम करने के लिए रूस कि मध्यस्था में समझौते पर हस्ताक्षर किए।

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