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जेरुसलम के मुद्दें पर तुर्की इस्लामिक सहयोग संगठन और यूरोपीय संघ को सयुंक्त रूप से साथ लाने की कोशिश कर रहा है. ताकि इस विवाद का हल किया जा सके.

राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोगान ने पुष्टि की हैं कि तुर्की इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) और यूरोपीय संघ के बीच इजरायल-फिलिस्तीन विवाद पर काबू पाने के लिए एक संयुक्त राजनयिक प्रयास का प्रस्ताव देगा.

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पेरिस से लौटते हुए उन्होंने मीडिया से बातचीत में एर्दोगान ने कहा, “इस [इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष] मुद्दे पर इस्लामी सहयोग संगठन के अध्यक्ष  के रूप में मैं एक प्रस्ताव पेश करूंगा. जिसमे ओआईसी और ईयू को साथ लाने की कोशिश की जाएगी. अब देखना होगा कि ये प्रस्ताव क्या रंग लाता है.

ध्यान रहे अमेरिका द्वारा जेरुसलम को इजरायल की राजधानी घोषित करने की यूरोपीय संघ तीखी आलोचना कर चूका है. “यूरोपीय संघ का कहना है कि हमारा विश्वास है कि इजरायल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष का एकमात्र वास्तविक समाधान दो राज्यों पर आधारित है और दोनों की राजधानी के रूप में यरूशलेम है.

यूरोपीय संघ समय समय पर 1967 के बाद से फिलिस्तीन कब्जे वाले इलाकों पर इजरायल की अवैध बस्तियां का भी विरोध करता आया है. कब्जे वाले क्षेत्रों में अवैध बस्तियों पर, यूरोपीय संघ ने बार-बार कहा है कि यह पूर्व जेरुसलम सहित वेस्ट बैंक में त्वरित निपटान विस्तार के बारे में गहराई से चिंतित है.

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