दुनिया भर में बढ़ रहे मुस्लिम विरोधी नफरत के मामलों से मुक़ाबले में जुटे तुर्की ने अब ऐसे मामलों की वार्षिक रिपोर्ट तैयार करने की घोषणा की है। तुर्की अंतराष्ट्रीय स्तर पर हर साल ये रिपोर्ट तैयार करेगा। अंकारा में सत्तारूढ़ न्याय और विकास पार्टी (एके पार्टी) के सातवें सम्मेलन में बोलते हुए विदेश मंत्री मेवलुत कैवुसोग्लू ने ये घोषणा की।

कैवसोग्लू ने बताया कि आज तक, यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका तुर्की और अन्य देशों पर रिपोर्ट प्रकाशित करते रहे हैं, लेकिन अब से, तुर्की “मानवता की भलाई के लिए” अपनी रिपोर्ट भी पेश करेगा।

यह घोषणा करते हुए कि तुर्की इस्लामोफोबिया की निगरानी में अधिक रुचि लेगा, कैवसोग्लू ने कहा कि अंकारा अब उन मामलों में दूसरों के नियमों से खेल नहीं खेलेंगे जो चिंता का विषय हैं। उन्होने कहा, “कूटनीति हमेशा हमारी प्राथमिकता है, लेकिन हम उन लोगों को भी सिखाते हैं जो कूटनीति में विश्वास नहीं करते हैं, वे लिस्ट में वापस आ गए हैं।”

बता दें कि पिछले साल के अंत में फ्रांस के राष्ट्रपति के विवादास्पद बयान जिसमे उन्होने दावा करते हुए था कि “इस्लाम संकटों में है।” के बाद तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने कडा रुख अपनाया था। कई देशों में फ्रांसीसी सामानों का बहिष्कार किया गया, जबकि मानवाधिकार समूहों ने मैक्रॉन पर “विभाजनकारी” भाषा बोलने और अरबों और मुसलमानों के प्रति नीतियों का विरोध करने का आरोप लगाया था।

अंकारा के राष्ट्रपति के प्रवक्ता इब्राहिम कलिन ने अक्टूबर में ट्विटर पर लिखा था, “इस्लाम और मुसलमानों को फ्रांसीसी गणराज्य की विफलताओं के लिए बलि का बकरा बनाना तर्कसंगत नीति से बहुत दूर है।”