तुर्की: जनमत संग्रह में अर्दोग़ान की जीत, जनता ने राष्ट्रपति प्रणाली को स्वीकारा

9:31 am Published by:-Hindi News

तुर्की में राष्ट्रपति शासन प्रणाली लाए जाने को लेकर कराए गए जनमत संग्रह में राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान को बहुमत मिल गया हैं. अब वो 2029 तक राष्ट्रपति बने रह सकते हैं.

16 अप्रैल की सुबह आरंभ हुए इस जनमत संग्रह में  लगभग 86 प्रतिशत मतदाताओं ने भाग लिया था. गैर आधिकारिक घोषित परिणामों के अनुसार तुर्की के 51.3 प्रतिशत लोगों ने संविधान में संशोधन के पक्ष में जबकि 48.7 प्रतिशत लोगों ने संविधान में संशोधन के खिलाफ वोट दिया.

इस मौके पर प्रधानमंत्री बिनाली यीलदीरिम ने अंकारा में जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी की बालकनी से समर्थकों से कहा, ‘गैर आधिकारिक नतीजों के मुताबिक राष्ट्रपति शासन प्रणाली की ‘हां’ वोट से पुष्टि हुई है.’ उन्होंने कहा, ‘यह फैसला लोगों ने लिया है. हमारे लोकतंत्र के इतिहास में एक नए अध्याय का सूत्रपात हुआ है.’

उन्होंने बताया कि 99 फीसदी वोटों गिनती के बाद 51.3 फीसद लोगों ने ‘हां’ वोट किया. अब वो 2029 तक राष्ट्रपति बने रह सकते हैं. हालांकि बनाए गए मसौदे के अनुसार अगले राष्ट्रपति और संसदीय चुनाव 3 नवंबर 2019 को होंगे.

तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान ने जनमत संग्रह में मिलने वाली सफलता की घोषणा के साथ कहा है कि इस चुनाव में तुर्की के लोगों ने राष्ट्रीय संकल्प और डेमोक्रेसी की रक्षा की है. उन्होंने कहा कि सबको चाहिये कि वे राष्ट्र के निर्णय (जनमत संग्रह) का सम्मान करें.

तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान में संशोधन से संबंधित समस्त अनुच्छेदों में अभी सुधार नहीं किया जायेगा और इनमें से कुछ परिवर्तन नवंबर 2019 में किये जायेंगे.

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