Friday, September 17, 2021

 

 

 

तुर्क राजनयिकों द्वारा शरण की बढ़ती मांग

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अक्टूबर 2016 से 2017 तक में अब तक तुर्की के राजनयिक पास्पोर्ट धारक 136 लोगों ने जर्मनी में शरण की अर्ज़ी डाली है। जर्मनी के गृह मंत्रालय ने भी इन आंकड़ों की पुष्टी की है और कहा है कि शरण की अर्ज़ी डालने वालों में से बहुत से विद्वान और तुर्की राजनयिकों के परिवार वाले हैं।
 तुर्की में नाकाम तख़्तालपट की कोशिश के बाद से पिछले कुछ महीनों में तुर्की सरकार ने हमेशा किसी न किसी बहाने से इस देश के नागरिकों, विद्वानों, जज, प्रोफेसर और राजनयिकों पर तख़्तापलट का समर्थन या तख़्तापलट करने वालों का सहयोग करने का आरोप लगाया है और इसी कारण सुरक्षा विभाग ने अब तक एक लाख के क़रीब तुर्क नागरिकों को नौकरी से निकाला है और दसियों हज़ार लोगों को गिरफ़्तार किया है।
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NDR, WED टीवी चैनल और जर्मन समाचार पत्र डॉयचे की रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2016 से 2017 तक में अब तक तुर्की के राजनयिक पास्पोर्ट धारक 136 लोगों ने जर्मनी में शरण की अर्ज़ी डाली है। जर्मनी के गृह मंत्रालय ने भी इन आंकड़ों की पुष्टी की है और कहा है कि शरण की अर्ज़ी डालने वालों में से बहुत से विद्वान और तुर्की राजनयिकों के परिवार वाले हैं।

जिन लोगों ने शरण की अर्ज़ी दाख़िल की है उनमें तुर्की के रक्षा मंत्री से फैक़री एशिक का नाम लिया जा सकता है जिन्होंने नाटो छवनियों में उपस्थित बहुत से सैनिकों के साथ जर्मनी सरकार से शरण की गुहार लगाई है, और इन्हीं लोगों में एक नाम स्वीज़रलैंड में तुर्की के उप राजदूत का नाम भी है जिन्होंने अब तक स्वीज़रलैंड के  आप्रवासन विभाग में अर्ज़ी डाली है। बर्न सरकार का कहना है कि 2016 में तख़्तापलट की कोशिश के बाद से अब तक तुर्की के 408 लोगों ने स्वीज़रलैंड में शरण की गुहार लगाई है।

इस इस स्थिति में है कि इस समय यूरोपीय देशों द्वारा तुर्क अधिकारियों की राजनीतिक बैठकों पर रोक लगाए जाने के बाद से तुर्की और यूरोपीय देशों के संबंध बहुत ख़राब दौर से गुज़र रह हैं।

तुर्की के विद्वानों की शरण की बढ़ती अर्ज़ियों को तुर्की में होने वाले जनमत-संग्रह के नकारात्मक प्रचार को तौर पर देखा जा सकता है क्योंकि उर्दोग़ान सरकार और तुर्क अधिकारी ऐसा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि तुर्की में सभी कुछ सामान्य चल रहा है और चुनाव के सिलसिले में अधिकतर लोगों की राय सकारात्मक है और उनको आशा है कि लोग जनमत-संग्रह में “हां” कहेंगे।

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