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वेलेंटाइन डे को लेकर दुनिया भर में दो पक्ष है. एक तरफ है जो इसे बड़ी धूमधाम से मनाते है तो वहीँ दूसरी और धार्मिक कारणों के चलते इसे दुरी बना कर रखते है.

इस्लाम धर्म में वेलेंटाइन डे को ज्यादातर उलेमाओं ने हराम करार दिया हुआ है. लेकिन अब ट्यूनीशिया के ग्रैंड मुफ्ती ने वेलेंटाइन डे को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, वेलेंटाइन डे एक हद तक ‘हराम’ नहीं है.

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मुफ्ती ओतान बट्टिख ने मंगलवार को कहा कि वेलेंटाइन डे “हराम” नहीं था और इसे मनाने के लिए एक शर्त पर अनुमति दी गई थी: “नैतिकता का उल्लंघन नहीं हो.”

उन्होंने प्रचारकों और चरमपंथियों की भी निंदा की जो वेलेंटाइन डे को “ईसाईयों की नकल” बताते है. उन्होंने कहा कि लोगों के बीच प्रेम फैलाने के लिए इस अवसर का उपयोग करना चाहिए.

ग्रैंड मुफ्ती ने कहा, “वह सब कुछ जो लोगों को एक साथ लाता है. अच्छा है. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि जब तक नैतिकता का सम्मान किया जाता है तब तक वेलेंटाइन डे मनाए जाने में कुछ भी गलत नहीं है.”

उन्होंने कहा, लोगों को एक दूसरे से प्यार करने के लिए आग्रह कराना चाहिए क्योंकि प्रेम इस्लामिक मूल्यों का हिस्सा है. अल्लाह से प्यार करना सभी लोगों से प्यार है.