यमन के जनांदोलन अंसारुल्लाह के महासचिव सैयद अब्दुल मलिक हूसी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सऊदी अरब की यात्रा को अरब देशों के कमज़ोर करने और विभाजित करने का एजेंडा करार दिया है. उन्होंने कहा कि इस यात्रा का मकसद अरब देशों का विभाजन है.

उन्होंने कहा कि ट्रम्प के दौरे की योजना, अरब देशों के कमज़ोर होने और उनके विभाजन के बाद अरब देशों के विनाश के लिए अरब देशों द्वारा अमरीका और इस्राईल के कार्यक्रम का समर्थन प्राप्त करने के लिए बनाई गयी है. उन्होंने कहा कि रियाज़ बैठक, ज़ायोनी शासन के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आयोजित हुई.

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हूसी ने कहा कि इस बैठक को जातीय व सांप्रदायिक शीर्ष के अंतर्गत इस्लामी और अरब देशों का छोटी छोटी सरकारों में विभाजन, इस्राईल के ख़तरे को दूर करने के लिए अंजाम दिया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि इन षड्यंत्रों में सऊदी अरब और इमारात पैसों को पूरा कर रहे हैं. अमरीका, ट्रम्प के माध्यम से इन दोनों देशों को निर्धन करने के बाद तबाह करने का प्रयास कर रहा है.