म्यांमार में हिंसा झेल रहे रोहिंग्याओं के लिए अमेरिका की और से अब तक की सबसे मजबूत प्रतिक्रिया सामने आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने सयुंक्त राष्ट्र से इस मामले में ‘मजबूत और तेज’ कार्रवाई का आग्रह किया हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका म्यांमार के रोहिंगिया मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा को खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से “मजबूत और तेज कार्रवाई” चाहता है.

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शांति सुधार पर सुरक्षा परिषद की बैठक में उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने म्यांमार की सेना पर आरोप लगाते हुए कहा कि म्यांमार सेना ने सरकारी चौकियों पर हमले का जवाब भारी भयावहता के साथ दिया. जिसमे रोहिंग्या मुस्लिमों के गाँवों को उनके घरों को जला दिया गया.

पेंस ने म्यांमार सेना को हिंसा का अंत करने के लिए एक अमेरिकी कॉल को दोहराया और रोहिंग्या के दीर्घकालिक समाधान के लिए राजनयिक प्रयासों का समर्थन किया, जिन्हें देश में नागरिकता से वंचित कर दिया गया है जहां बौद्धों की और से उन्हें अवैध अप्रवासी कहा जाता है.

उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ट्रम्प और मैं संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद से इस संकट को समाप्त करने के लिए मजबूत और तेजी से कार्रवाई करने का आह्वान करता हूं तथा रोहंगियों को जरूरत के मुताबिक अपने घर में आशा और मदद करने की सुविधा प्रदान करता हूं.” फ्रांस के राष्ट्रपति इमॅन्यूएल मैक्रॉन ने भी बुधवार को म्यांमार सेना के अभियान को “नरसंहार” बताया.

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