Friday, August 6, 2021

 

 

 

तेल की गिरती कीमतों से परेशान ट्रंप, बोले – सऊदी-रूस समझौते के करीब, लेकिन मेक्सिको ने दिया झटका

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा दावा करते हुए कहा कि कच्चे तेल की गिरती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए रूस और सऊदी अरब समझौते के करीब हैं। दरअसल, कोरोना वायरस संकट के बीच तेल की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है।

व्हाइट हाउस की ओर से रोजना की जाने वाली प्रेसवार्ता के दौरान ट्रंप ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस संबंध में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान से डेढ़ घंटा टेलीफोन पर बात हुई। ट्रंप ने कहा, ‘‘ हमारी काफी अच्छी बात हुई। हम देखेंगे कि क्या होता है, लेकिन जैसा आपको पता है कि ओपेक (तेल उत्पादक देशों के संगठन) की बैठक आज (बृहस्पतिवार) है। मैं कहना चाहूंगा कि वह समझौते के करीब पहुंचने वाले हैं।’’

कोरोना वायरस संकट की वजह से दुनियाभर में बड़े पैमाने पर लगाये गये लॉकडाउन के कारण लोगों को घर में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इससे तेल की मांग में कमी आयी है और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है। इसके चलते ओपेक और उसके सहयोगी देश पेट्रोलियम उत्पादन को कम करने के पक्ष में थे ताकि ईंधन की कीमतों को स्थिर रखा जा सके। लेकिन रूस के उत्पादन में कटौती करने से मना करने के बाद उसके और सऊदी अरब के बीच कीमत युद्ध शुरू हो गया और तेल की कीमतें ऐतिहासिक निचले स्तर तक पहुंच गई।

दूसरी और ओपेक और रूस सहित अन्य तेल उत्पादक देशों के बीच कीमतों में तेजी लाने के लिए जुलाई तक उत्पादन में प्रतिदिन एक करोड़ बैरल की कटौती करने और उसके बाद इस साल के अंत तक प्रतिदिन 80 लाख बैरल कटौती की योजना मैक्सिको के गतिरोध के चलते अधर में लटक गई है। इस योजना के तहत मैक्सिको को जितनी कटौती करनी है, वह उसके लिए तैयार नहीं है।

ओपेक ने शुक्रवार को कहा कि मेक्सिको को छोड़कर प्रमुख तेल उत्पादक देशों ने मई और जून में उत्पादन में प्रतिदिन एक करोड़ बैरल की कटौती करने पर सहमति जताई है। ओपेक और अन्य प्रमुख तेल उत्पादक देशों ने कीमतों में भारी गिरावट रोकने के लिए गहन वार्ता की, जिसके बाद यह बयान आया। तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई वार्ता के बाद कहा कि उत्पादन में जुलाई से दिसंबर तक 80 लाख बैरल प्रतिदिन की कटौती करने के समझौते पर सहमति मैक्सिको के रुख पर निर्भर करेगी। मैक्सिको ने इस पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

एक बयान के मुताबिक ओपेक के महासचिव मोहम्मद बारकिंडो ने कहा, ‘‘कोविड-19 के कारण प्रत्येक्ष क्षेत्र प्रभावित हैं। यह सभी के ऊपर बुरी छाया की तरह है। हम नहीं चाहते हैं कि यह छाया हमें ढंक दे। इसका पूरे उद्योग पर दीर्घकालिक प्रभाव होगा।’’ कोरोना वायरस संकट और तेल उत्पादक देशों के बीच कीमत यु्द्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आई। ऐसे में ओपेक और अन्य देशों की गुरुवार को हुई बैठक में उत्पादन में कटौती पर सहमति बनने की पूरी उम्मीद थी।

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