अमरीक के राष्ट्रपति की कुर्सी संभालते ही इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू का सीना फ़ैल गया हैं. अपने ऊपर ट्रम्प का हाथ आते ही इजराइल ने UN में पास प्रस्ताव को लात मारते हुए फिलिस्तीन में अवैध कॉलोनीयों के निर्माण को मंजूरी दे दी हैं.

फिलिस्तीन  की जमीन पर अवैध कॉलोनीयों के निर्माण को लेकर सयुंक्त राष्ट्र में इसराइल के खिलाफ प्रस्ताव पारित हुआ था. इस प्रस्ताव का समर्थन तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी किया था. जिसके चलते अमेरिका ने इस प्रस्ताव को वीटों नहीं किया था. इसी के साथ सुरक्षा परिषद् में वोटिंग के दौरान अमेरिका ने हिस्सा भी नहीं लिया था.

इस प्रस्ताव के पारित होने का बाद नेतन्याहू ने अपने इस फैसले को टाल दिया था. याद रहें कि पूर्वी यरुशलम में इस तरह के निर्माण कार्य को अंतरराष्ट्रीय क़ानून के मुताबिक अवैध माना जाता है लेकिन इसराइल इसे नहीं मानता हैं. अब देखना होगा कि इस बारें में सयुंक्त राष्ट्र क्या करता हैं.

हाल ही में दोनों नेताओं की बातचीत हुई हैं. इस बारें में व्हाइट हाउस का कहना है कि अमरीकी दूतावास यरुशलम स्थानांतरित करने के बारे में शुरुआती चर्चा हुई है. फ़लस्तीनियों ने इसका विरोध किया है. इसराइल-फ़लस्तीनी मुद्दा, सीरिया में हालात और ईरान को लेकर भी चर्चा की गई हैं.


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