अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारतीयों को एक और झटका देने वाले हैं. अमेरिका के दो शीर्ष सीनेटरों ने अमेरिका में वैध प्रवासियों की संख्या घटाकर आधी करने के लिए सीनेट में एक विधेयक पेश किया है. इससे भारतीयों सहित दुनिया के कई देशों के उन लोगों की उम्‍मीदों को धक्‍का लगेगा, जो ग्रीन कार्ड या अमेरिका में परमानेंट रहने की इजाजत चाहते हैं.

रिपब्लिकन सीनेटर टॉम कॉटन और डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर डेविड पर्डू ने ‘रेज एक्ट’ पेश किया है, जिसमें हर वर्ष जारी किए जाने वाले ग्रीन कार्डों या कानूनी स्थायी निवास की मौजूदा करीब 10 लाख की संख्या को कम करके पांच लाख करने का प्रस्ताव रखा गया है.

ऐसा माना जा रहा है कि इस विधेयक को ट्रंप प्रशासन का समर्थन प्राप्त है. यदि यह विधेयक पारित हो जाता है तो इससे उन लाखों भारतीय-अमेरिकियों पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा जो रोजगार आधारित वर्गों में ग्रीन कार्ड मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

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उल्लेखनीय है कि मौजूदा समय में किसी भारतीय को ग्रीन कार्ड हासिल करने के लिए 10 से 35 साल इंतजार करना पड़ता है और यदि प्रस्तावित विधेयक कानून बन जाता है तो यह अवधि बढ़ सकती है. इस विधेयक में एच-1बी वीजा पर ध्यान केंद्रित नहीं किया गया है.

सीनेटर पेर्डू ने कहा, हम अपनी आव्रजन प्रणाली की खामियों को दूर करने के लिए कदम उठा रहे हैं. आव्रजन प्रणाली के ऐतिहासिक सामान्य स्तर पर वापसी से अमेरिकी नौकरियों की गुणवत्ता सुधारेगी और तनख्वाह बढ़ेगी.

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