कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्राइडू ने 21 सितंबर को स्वीकार किया कि कनाडा ने देशी लोगों के कुछ ख़ास नहीं किया साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को बताया कि उनकी सरकार आदिवासियों के जीवन-स्तर में सुधार करने और सामंजस्य हासिल करने के लिए बेहतर कार्य करेगी.

संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने भाषण में कनाडा के उपनिवेशवाद के काले इतिहास में “अपमान, उपेक्षा और दुरुपयोग” को स्पष्ट रूप से स्वीकार किया. साथ ही उन्होंने देश के 1.4 मिलियन स्वदेशी लोगों की सहायता करने का वादा किया.

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उन्होंने कहा, “हम कड़ी मेहनत कर रहे हैं … पिछले अनैतिकताओं को दूर करने और कनाडा में स्वदेशी लोगों के लिए बेहतर गुणवत्ता के जीवन को लाने के लिए,”

ट्राइडू ने कहा, “हालांकि यह रास्ता अनियंत्रित है, मुझे पूरा भरोसा है कि हम सामंजस्य के एक स्थान तक पहुंच जाएंगे.” उन्होंने कहा, बहुत से लोग कहते हैं कि वे स्वदेशी कनाडाई लोगों की मदद करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं, जो जनसंख्या का लगभग 4% हिस्सा हैं और गरीबी और हिंसा का सामना कर रहे हैं. कई आदिवासी समुदायों को सुरक्षित पेयजल तक पहुंच नहीं है, और कई अलग-अलग समुदाय आत्महत्याओं से ग्रस्त हैं.

कनाडा की  दमनकारी नीतियों के माध्यम से आत्मसात करने की कोशिश को स्वीकार करते हुए, उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में रहने वाले लोग “कनाडा में उपनिवेशवाद की विरासत” का सामना कर रहे हैं.

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