यमन पर हमलें को लेकर सऊदी अरब ने कहा कि उसने ये हमला यमन पर कब्ज़ा करने के लिए नहीं बल्कि यमनी जनता की जान बचाने के लिए किया हैं.

सऊदी अरब के उप रक्षामंत्री और सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता अहमद असीरी ने कहा कि उनका गठबंधन यमन में हस्तक्षेप कर इस देश के लोगों की जान बचाने के लिए किया गया है और यह गठबंधन यमन पर कब्ज़ा करने के प्रयाय में नहीं है. उन्होंने कहा कि यमन की कानूनी सरकार का यमन की 85 प्रतिशत भूमि पर शासन है और यमन में सामान्य स्थिति बहाल हो गयी है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

गौरतलब रहें कि अरब देशों में सबसे गरीब देशों में गिने जाने वाले यमन में क़रीब दो साल से संघर्ष का दौर चल रहा है. यहाँ राष्ट्रपति अब्दरब्बू मंसूर हादी की सरकार और उनके प्रति वफ़ादार सैनिकों और शिया हूती विद्रोहियों के बीच मुख्य लड़ाई चल रही है.

हूती विद्रोही यमन में उत्तरी इलाके के शिया मुसलमान हैं. इन्हें देश के पूर्व राष्ट्रपति के वफ़ादार सैनिकों का समर्थन मिल रहा है. वहीं सरकारी सेनाओं को दक्षिणी यमन के कुछ लड़ाकों और पड़ोसी देश सऊदी अरब से सहयोग मिल रहा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ मार्च, 2015 से एक साल के भीतर यमन में 6,800 से ज़्यादा लोग इस संघर्ष के चलते मारे गए हैं और क़रीब 35,000 लोग घायल हुए हैं.

Loading...