इस्लामाबाद: मंगलवार को फिलिस्तीनी और पाकिस्तानी अधिकारियों की उपस्थिति में इस्लामाबाद में फिलिस्तीनी दूतावास का उद्घाटन हुआ. इस दूतावास के उद्घाटन के साथ ही विश्व में फिलिस्तीन के दूतावासों की संख्या 90 हो गयी है.

इस अवसर पर पाकिस्तान ने पश्चिमी तट पर अवैध इजरायली बस्तियों के निष्कासन के बारे में फिलिस्तीन के रुख को निरंतर समर्थन देने की कसम खाई. प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने फिलिस्तीनी राष्ट्रपति के साथ अलग बैठक बैठक में फिलीस्तीनी के लिए पाकिस्तान के निरंतर समर्थन को दोहराया.

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राष्ट्रपति महमूद अब्बास, जो की पाकिस्तान के लिए तीन दिन की यात्रा पर है, उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया जब वह मंगलवार को प्रधानमंत्री हाउस पर पहुंचे. प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने समारोह में राष्ट्रपति अब्बास का स्वागत किया. इस दौरान दोनों देशों का राष्ट्रगान भी बजाय गया.

इसी के साथ फिलिस्तीनी राष्ट्रपति सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया गया. 2005 और 2013 के बाद राष्ट्रपति अब्बास की पाकिस्तान की ‘तीसरी यात्रा है. पीएम हाउस में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा है कि मध्य पूर्व में एक स्थायी शांति फिलिस्तीन-इजराइल विवाद के लिए एक समाधान के बिना हासिल नहीं की जा सकती.

उन्होंने कहा, पाकिस्तान सभी मंचों पर फिलीस्तीन का समर्थन करना जारी रखेगा. इसी के साथ हम मध्य पूर्व में शांति के लिए सतत अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रयासों के लिए तत्पर हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि फिलिस्तीन को संयुक्त राष्ट्र के एजेंडे पर एक लंबे समय से चला आ रहा मुद्दा हैं और इस पर एक व्यावहारिक समाधान की जरूरत है.

उन्होंने 1967 की सीमाओं के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहमति के आधार पर स्वतंत्र फिलिस्तीन के गठन की मांग की, साथ ही उन्होंने अल-कुद्स अल-शरीफ को फिलिस्तीन की राजधानी घोषित किये जाने की भी बात कही. दोनों नेताओं ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संकल्प 2334 के लागू कराने की मांग की है. साथ ही फिलीस्तीनी क्षेत्र में इजरायल बस्तियों को खत्म करने के लिए कदम उठाने की भी मांग की.

प्रधानमंत्री शरीफ और राष्ट्रपति अब्बास ने राजनयिक एन्क्लेव में फिलिस्तीनी दूतावास के नए भवन का उद्घाटन किया. इसी के साथ राजदूत के निवास घरों की पट्टिका का अनावरण किया. पाकिस्तान ने 1992 में ही नए भवन के लिए भूखंड दान कर दिया था और इस परियोजना के लिए $ 1 मिलियन के रूप में अच्छी तरह से योगदान दिया था.

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